🕉️ 26 September 2026, Saturday · 03:06:08 AM · CDSHARMA.IN
卐
ॐ
वैदिकं ज्योतिषं दिव्यं वेदचक्षुः सनातनम्।
स्तूयते सादरं नित्यं छत्रधरेण शर्मणा॥

वैदिक ज्योतिष से जानें अपना भविष्य

शुद्ध वैदिक पंचांग व ज्योतिष परामर्श पं. छत्रधर शर्माजी के साथ

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पं. छत्रधर शर्माजी महाराज

(भागवत-मानस प्रवक्ता, जन्मकुण्डली विशेषज्ञ)


क्या अभी का समय आपके अनुकूल है?
अपने राशी चयन करके काल-होरा चक्र यन्त्रम् चलायें। श्रीरामशलाका प्रश्नावली देखें।
दोनों को एक दिन में मात्र 03 बार ही चला सकते हैं।
काल-होरा चक्र यन्त्रम्
श्रीरामशलाका प्रश्नावली

🕉️ आज का पंचांग

26 September 2026, शुक्रवार · 03:06 AM · Ujjain समयानुसार

🕐 वर्तमान द्विघड़िया-मुहूर्त (48-मिनट, शास्त्रीय)

🟢 शम्भु

03:06 AM - 03:53 AM · शुभ

अगला: सावित्र (03:53 AM - 04:41 AM)

📋 पूरी सूची व कार्य-अनुसार-खोज → 🕉️ हिन्दुसमयः (घटी-घड़ी) →

ⓘ The main city's coordinates for your selected state will be used automatically (approximate).

🌙
तिथि
पूर्णिमा
शुक्ल पक्ष · पूर्णा · 10:22 PM बजे तक
⭐
नक्षत्र
पूर्वाभाद्रपद
पद 3 · 11:34 AM बजे तक
🔗
योग
गण्ड
01:20 PM बजे तक
⚡
करण
विष्टि (भद्रा)
10:50 AM बजे तक
🌅
सूर्योदय
06:17 AM
🌇
सूर्यास्त
06:20 PM
🌒
चंद्रोदय
08:03 PM
🌘
चंद्रास्त
08:00 AM
🗓️
वार
शुक्रवार
📅
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
🌗
पक्ष
शुक्ल पक्ष
🍂
ऋतु
शरद
☀️
अयन
दक्षिणायन
📜
विक्रम संवत्
2083
रौद्र संवत्सर (उत्तर) · दक्षिण: पराभव
📜
शक संवत्
1948
🧭
दिशाशूल (यात्रा हेतु)
पश्चिम
इस दिशा में यात्रा वर्जित मानी जाती है
🕉️
शिववास
श्मशान में
⚠️ काम्य-रुद्राभिषेक हेतु वर्जित
फल व विवरण देखें

अत्यंत अनिष्टकारी। मृत्युतुल्य कष्ट, अकाल भय व भीषण हानि का भय रहता है।

ⓘ यह सिर्फ़ काम्य (विशेष-संकल्पित) रुद्राभिषेक हेतु प्रासंगिक है — नित्य-पूजा/जलार्पण के लिए शिववास देखने की आवश्यकता नहीं।

🔥
अग्निवास
स्वर्ग (आकाश) में
⚠️ काम्य-हवन हेतु वर्जित
फल व विवरण देखें

अशुभ। अग्नि जब आकाश में स्थित होती है, तो हवन करने से आयु का क्षय, प्राणपीड़ा, मानसिक उद्वेग व अनिष्ट की संभावना रहती है। अतः इस स्थिति में हवन नहीं करना चाहिए।

ⓘ यह सिर्फ़ काम्य-अनुष्ठान (नवचंडी, ग्रह-शांति, विशेष-मनोकामना-हवन आदि) हेतु प्रासंगिक है — विवाह/उपनयन जैसे षोडश-संस्कार, नित्य-अग्निहोत्र व नवरात्र/ग्रहण/श्राद्ध-निमित्त हवन में अग्निवास सदा पृथ्वी पर ही माना जाता है, विचार की आवश्यकता नहीं।

🌙
चंद्रवास
उत्तर
यात्रा-मुहूर्त हेतु इस दिशा से बचने की सलाह
🧿
योगिनी (यात्रा हेतु)
वायव्य कोण (उत्तर-पश्चिम)
इस दिशा सम्मुख यात्रा से बचें — दाहिने/पीछे शुभ
५
निर्दोष/मध्यम-पंचक
पंचक सक्रिय
अधिकांश कार्यों में दोषरहित माना जाता है (सिर्फ़ 5 मुख्य त्याज्य-कर्म वर्जित रहते हैं)।
पंचक में वर्जित-कर्म देखें
  • दक्षिण-दिशा की यात्रा
  • गृहच्छादन (छत ढालना/लिंटर डालना)
  • तृण व काष्ठ (लकड़ी/ईंधन/घास) का संग्रह
  • नई चारपाई/शैया-निर्माण
  • शवदाह (बिना शांति-विधान के)
🔯
नक्षत्र-संज्ञा
उग्र (क्रूर)
योग्य-कार्य: शत्रु पर प्रहार, मुकदमा, कूटनीति, कारागार व विध्वंस-जनित कार्य (सामान्य-शुभ-कार्यों हेतु उपयुक्त नहीं)
📿
कलियुग वर्ष
5127

ⓘ संवत्सर नाम: प्रामाणिक 60-वर्षीय संवत्सर-चक्र पद्धति से (मुख्यधारा पंचांगों जैसी)। गुरु वर्तमान में कर्क राशि में है (सूचनार्थ)।

🕉️ मुहूर्त व शुभ-अशुभ काल-विचार

⚠️ आज पंचक सक्रिय है — शुभ कार्य टालने की सलाह दी जाती है
🙏 आज: पूर्णिमा
🏠
नूतन/जीर्ण गृहप्रवेश व गृहारंभ
⚠️ आज अनुकूल नहीं

आज का नक्षत्र इस कार्य हेतु पारंपरिक रूप से अनुकूल-सूची में नहीं है

शिववास श्मशान में है (शुभ-कार्य हेतु सामान्यतः वर्जित)

🏪
व्यापार पूजन/प्रारंभ
⚠️ आज अनुकूल नहीं

आज का नक्षत्र इस कार्य हेतु पारंपरिक रूप से अनुकूल-सूची में नहीं है

शिववास श्मशान में है (शुभ-कार्य हेतु सामान्यतः वर्जित)

🛕
देवालय पूजन/प्रारंभ
⚠️ आज अनुकूल नहीं

आज का नक्षत्र इस कार्य हेतु पारंपरिक रूप से अनुकूल-सूची में नहीं है

शिववास श्मशान में है (शुभ-कार्य हेतु सामान्यतः वर्जित)

🚰
वापी, कूप, तड़ाग पूजन/प्रारंभ
⚠️ आज अनुकूल नहीं

आज का नक्षत्र इस कार्य हेतु पारंपरिक रूप से अनुकूल-सूची में नहीं है

शिववास श्मशान में है (शुभ-कार्य हेतु सामान्यतः वर्जित)

💍
विवाह (पाणिग्रहण)
⚠️ आज अनुकूल नहीं

आज का नक्षत्र इस कार्य हेतु पारंपरिक रूप से अनुकूल-सूची में नहीं है

शिववास श्मशान में है (शुभ-कार्य हेतु सामान्यतः वर्जित)

आज चातुर्मास-काल में है (विवाह जैसे मांगलिक-कार्य पारंपरिक रूप से वर्जित)

🏗️
भूमि-पूजन/शिलान्यास (गृह-निर्माण-आरंभ)
⚠️ आज अनुकूल नहीं

आज का नक्षत्र इस कार्य हेतु पारंपरिक रूप से अनुकूल-सूची में नहीं है

शिववास श्मशान में है (शुभ-कार्य हेतु सामान्यतः वर्जित)

🚗
वाहन-क्रय
⚠️ आज अनुकूल नहीं

आज का नक्षत्र इस कार्य हेतु पारंपरिक रूप से अनुकूल-सूची में नहीं है

शिववास श्मशान में है (शुभ-कार्य हेतु सामान्यतः वर्जित)

💰
स्वर्ण/आभूषण-क्रय
⚠️ आज अनुकूल नहीं

आज का नक्षत्र इस कार्य हेतु पारंपरिक रूप से अनुकूल-सूची में नहीं है

शिववास श्मशान में है (शुभ-कार्य हेतु सामान्यतः वर्जित)

📚
विद्यारंभ (अक्षर-ज्ञान प्रारंभ)
⚠️ आज अनुकूल नहीं

आज का नक्षत्र इस कार्य हेतु पारंपरिक रूप से अनुकूल-सूची में नहीं है

शिववास श्मशान में है (शुभ-कार्य हेतु सामान्यतः वर्जित)

🤰
सीमन्तोन्नयन (गर्भ-संस्कार)
⚠️ आज अनुकूल नहीं

आज का नक्षत्र इस कार्य हेतु पारंपरिक रूप से अनुकूल-सूची में नहीं है

शिववास श्मशान में है (शुभ-कार्य हेतु सामान्यतः वर्जित)

🍚
अन्नप्राशन (शिशु का प्रथम अन्न-ग्रहण)
⚠️ आज अनुकूल नहीं

आज का नक्षत्र इस कार्य हेतु पारंपरिक रूप से अनुकूल-सूची में नहीं है

शिववास श्मशान में है (शुभ-कार्य हेतु सामान्यतः वर्जित)

🧵
उपनयन (यज्ञोपवीत/जनेऊ संस्कार)
⚠️ आज अनुकूल नहीं

आज का नक्षत्र इस कार्य हेतु पारंपरिक रूप से अनुकूल-सूची में नहीं है

शिववास श्मशान में है (शुभ-कार्य हेतु सामान्यतः वर्जित)

ⓘ यह सामान्य, सरलीकृत संकेत है (रिक्ता-तिथि, शिववास व मुख्य अनुकूल-नक्षत्र आधारित) — पूर्ण पंचांग-मिलान व व्यक्तिगत कुंडली का विकल्प नहीं। विवाह, गृह-निर्माण जैसे बड़े निर्णयों हेतु किसी अनुभवी ज्योतिषाचार्य से व्यक्तिगत मुहूर्त अवश्य लें।

💍 आगामी शुभ विवाह-मुहूर्त तारीखें देखें →

🕉️ अन्य शुभ-मुहूर्त (गृहप्रवेश, वाहन-क्रय, व्यापार-प्रारंभ आदि) देखें →

🎉 विशेष व्रत-पर्व-त्योहार (निर्णय)

25 Sep 2026 · पर्व

अनन्त चतुर्दशी

शुक्रवार 25 सितम्बर 2026

पूजा मुहूर्त - 05:53AM से 11:06PM

अवधि - 17 घण्टे 13 मिनट

चतुर्दशी तिथि प्रारम्भ -

24 सितम्बर 2026 को 11:18PM

चतुर्दशी तिथि समाप्त -

25 सितम्बर 2026 को 11:06PM

26 Sep 2026 · पर्व

पूर्णिमा श्राद्ध

कुतुप मुहूर्त - 11:31AM से 12:19PM

रौहिण मुहूर्त - 12:19PM से 01:07PM

अपराह्न काल - 01:07PM से 03:32PM

पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ - 25 सितम्बर 2026 को 11:06PM

पूर्णिमा तिथि समाप्त - 26 सितम्बर 2026 को 10:18PM

27 Sep 2026 · पर्व

प्रतिपदा श्राद्ध

कुतुप मुहूर्त - 11:30AM से 12:18PM

रौहिण मुहूर्त - 12:18PM से 01:06PM

अपराह्न काल - 01:06PM से 03:31PM

प्रतिपदा तिथि प्रारम्भ - 26 सितम्बर 2026 को 10:18PM

प्रतिपदा तिथि समाप्त - 27 सितम्बर 2026 को 08:58PM

28 Sep 2026 · पर्व

द्वितीया श्राद्ध

कुतुप मुहूर्त - 11:30AM से 12:18PM

रौहिण मुहूर्त - 12:18PM से 01:06PM

अपराह्न काल - 01:06PM से 03:30PM

द्वितीया तिथि प्रारम्भ - 27 सितम्बर 2026 को 08:58PM

द्वितीया तिथि समाप्त - 28 सितम्बर 2026 को 07:13PM

29 Sep 2026 · पर्व

तृतीया श्राद्ध

कुतुप मुहूर्त - 11:30AM से 12:18PM

रौहिण मुहूर्त - 12:18PM से 01:06PM

अपराह्न काल - 01:06PM से 03:29PM

तृतीया तिथि प्रारम्भ - 28 सितम्बर 2026 को 07:13PM

तृतीया तिथि समाप्त - 28 सितम्बर 2026 को 05:09PM

30 Sep 2026 · पर्व

चतुर्थी श्राद्ध

कुतुप मुहूर्त - 11:29AM से 12:17PM

रौहिण मुहूर्त - 12:17PM से 01:05PM

अपराह्न काल - 01:05PM से 03:29PM

चतुर्थी तिथि प्रारम्भ - 29 सितम्बर 2026 को 05:09PM

चतुर्थी तिथि समाप्त - 30 सितम्बर 2026 को 02:55PM

30 Sep 2026 · पर्व

पञ्चमी श्राद्ध

कुतुप मुहूर्त - 11:29AM से 12:17PM

रौहिण मुहूर्त - 12:17PM से 01:05PM

अपराह्न काल - 01:05PM से 03:29PM

पञ्चमी तिथि प्रारम्भ - 30 सितम्बर 2026 को 02:55PM

पञ्चमी तिथि समाप्त - 01 अक्टूबर 2026 को 12:35PM

01 Oct 2026 · पर्व

षष्ठी श्राद्ध

कुतुप मुहूर्त - 11:29AM से 12:17PM

रौहिण मुहूर्त - 12:17PM से 01:05PM

अपराह्न काल - 01:05PM से 03:28PM

षष्ठी तिथि प्रारम्भ - 01 अक्टूबर 2026 को 12:35PM

षष्ठी तिथि समाप्त - 02 अक्टूबर 2026 को 10:15AM

⚠️ व्रत-निर्णय: आज सूर्योदय व दिन के दौरान तिथि बदल रही है (उदय-व्यापिनी सिद्धांत अनुसार, व्रत-तिथि हेतु सूर्योदय-कालीन तिथि प्रमाण मानी जाती है) — एकादशी/चतुर्थी/पूर्णिमा/अमावस्या जैसे व्रतों की सटीक तारीख हेतु स्थानीय पंचांग या विद्वान से पुष्टि करें, विशेषकर स्मार्त/वैष्णव परंपरा-भेद की स्थिति में।

❌ अशुभ मुहूर्त

राहु काल10:48 AM - 12:19 PM
यमगंड03:20 PM - 04:50 PM
गुलिक काल07:47 AM - 09:18 AM
वर्ज्यम25 Sep, 09:46 PM बजे - 25 Sep, 11:22 PM बजे
दुर्मुहूर्त (पितृ)08:42 AM - 09:30 AM
दुर्मुहूर्त (सुतमुखि)12:43 PM - 01:31 PM

✅ शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:41 AM - 05:29 AM
अभिजित मुहूर्त11:55 AM - 12:43 PM
विजय मुहूर्त02:19 PM - 03:07 PM
गोधूलि मुहूर्त05:56 PM - 06:44 PM
निशीथ काल11:54 PM - 12:42 AM
अमृत काल25 Sep, 06:34 PM बजे - 25 Sep, 08:10 PM बजे

ⓘ वर्ज्यम/अमृत-काल नक्षत्र-आधारित घटी-सारणी से (व्यापक रूप से प्रचलित संस्करण — क्षेत्रीय-परंपरा से सटीक समय थोड़ा भिन्न हो सकता है)।

🙏 चारों संध्या

प्रातः संध्या05:29 AM - 06:41 AM
माध्याह्न संध्या11:55 AM - 12:43 PM
सायं संध्या05:56 PM - 07:08 PM
तुरीय संध्या11:54 PM - 12:42 AM

⏰ चारों मुहूर्त

प्रातः-मुहूर्त06:17 AM - 07:05 AM
अभिजित (माध्याह्न)11:55 AM - 12:43 PM
सायं-मुहूर्त05:32 PM - 06:20 PM
तुरीय-मुहूर्त11:54 PM - 12:42 AM

⭐ नक्षत्र — सभी 4 चरण

पद 1

बीत चुका

पद 2

बीत चुका

पद 3 (वर्तमान)

05:35 AM बजे तक

पद 4

11:34 AM बजे तक

🪐 पूरी 24-होरा सूची देखें (दिन व रात)
☀️ दिन के होरा
शुक्र होरा06:17 AM - 07:17 AM
बुध होरा07:17 AM - 08:18 AM
चंद्र होरा08:18 AM - 09:18 AM
शनि होरा09:18 AM - 10:18 AM
गुरु होरा10:18 AM - 11:18 AM
मंगल होरा11:18 AM - 12:19 PM
सूर्य होरा12:19 PM - 01:19 PM
शुक्र होरा01:19 PM - 02:19 PM
बुध होरा02:19 PM - 03:20 PM
चंद्र होरा03:20 PM - 04:20 PM
शनि होरा04:20 PM - 05:20 PM
गुरु होरा05:20 PM - 06:20 PM
🌙 रात्रि के होरा
मंगल होरा06:20 PM - 07:20 PM
सूर्य होरा07:20 PM - 08:19 PM
शुक्र होरा08:19 PM - 09:19 PM
बुध होरा09:19 PM - 10:19 PM
चंद्र होरा10:19 PM - 11:19 PM
शनि होरा11:19 PM - 12:18 AM
गुरु होरा12:18 AM - 01:18 AM
मंगल होरा01:18 AM - 02:18 AM
सूर्य होरा02:18 AM - 03:17 AM
शुक्र होरा03:17 AM - 04:17 AM
बुध होरा04:17 AM - 05:17 AM
चंद्र होरा05:17 AM - 06:17 AM
🕐 आज की चौघड़िया (दिन व रात) देखें
☀️ दिन की चौघड़िया
चर 06:17 AM - 07:47 AM
लाभ 07:47 AM - 09:18 AM
अमृत 09:18 AM - 10:48 AM
काल 10:48 AM - 12:19 PM
शुभ 12:19 PM - 01:49 PM
रोग 01:49 PM - 03:20 PM
उद्वेग 03:20 PM - 04:50 PM
चर 04:50 PM - 06:20 PM
🌙 रात की चौघड़िया
रोग 06:20 PM - 07:50 PM
काल 07:50 PM - 09:19 PM
लाभ 09:19 PM - 10:49 PM
उद्वेग 10:49 PM - 12:18 AM
शुभ 12:18 AM - 01:48 AM
अमृत 01:48 AM - 03:17 AM
चर 03:17 AM - 04:47 AM
रोग 04:47 AM - 06:17 AM
📿 30 दैनिक मुहूर्त (अहोरात्र काल-विभाजन) देखें
☀️ दिन के 15 मुहूर्त
1. रुद्र06:17 AM - 07:05 AM
2. आहि07:05 AM - 07:53 AM
3. मित्र07:53 AM - 08:42 AM
4. पितृ08:42 AM - 09:30 AM
5. वसु09:30 AM - 10:18 AM
6. वाराह10:18 AM - 11:06 AM
7. विश्वेदेवा11:06 AM - 11:55 AM
8. विधि11:55 AM - 12:43 PM
9. सुतमुखि12:43 PM - 01:31 PM
10. पुरुहूत01:31 PM - 02:19 PM
11. वाहिनी02:19 PM - 03:07 PM
12. नक्तंचरा03:07 PM - 03:56 PM
13. वरुण03:56 PM - 04:44 PM
14. अर्यमा04:44 PM - 05:32 PM
15. भग05:32 PM - 06:20 PM
🌙 रात्रि के 15 मुहूर्त
16. गिरीश06:20 PM - 07:08 PM
17. अजपाद07:08 PM - 07:56 PM
18. अहिर्बुध्न्य07:56 PM - 08:43 PM
19. पूषा08:43 PM - 09:31 PM
20. अश्विनी09:31 PM - 10:19 PM
21. यम10:19 PM - 11:07 PM
22. अग्नि11:07 PM - 11:54 PM
23. विधाता11:54 PM - 12:42 AM
24. कण्ड12:42 AM - 01:30 AM
25. अदिति01:30 AM - 02:18 AM
26. जीव02:18 AM - 03:06 AM
27. विष्णु03:06 AM - 03:53 AM
28. द्युमनि03:53 AM - 04:41 AM
29. ब्रह्म04:41 AM - 05:29 AM
30. समुद्र05:29 AM - 06:17 AM

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सूर्यास्त--:--
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💬 ग्राहकों की राय

हज़ारों संतुष्ट ग्राहकों में से कुछ की प्रतिक्रिया

कमल किशोर दुबे (वाराणसी)

"परामर्श सेवा: चंद्र-केतु युति निवारण एवं पारिवारिक समरसता समस्या: घर में निरंतर गृहक्लेश, अनिद्रा और परिवार के सदस्यों में अकारण द्वेष। समाधान: चंद्रमा को बलवान करने के उपाय, कुलदेवी/देवता का पूजन विधान और घर में वैदिक शांति पाठ का मार्गदर्शन। परिणाम: पारिवारिक विवाद समाप्त हुए और घर में सुख-शांति व सामंजस्य स्थापित हुआ। ग्राहक समीक्षा: "पंडित जी केवल भविष्य नहीं बताते, बल्कि परिवार को जोड़ने और मानसिक शांति पाने का सही मार्ग भी दिखाते हैं। अत्यंत दिव्य अनुभव!""

— कमल किशोर दुबे (वाराणसी)
सीए महेश जोशी (इंदौर)

"परामर्श सेवा: मुहूर्त निर्धारण (गृह प्रवेश एवं कार्यालय उद्घाटन) समस्या: पारिवारिक असमंजस के कारण सही समय पर गृह प्रवेश और नए ऑफिस का उद्घाटन नहीं हो पा रहा था। समाधान: पंचांग शुद्धि, त्रिबल विचार और परिवार के मुखिया की राशि अनुसार सर्वोत्तम अमृत योग मुहूर्त निकाला गया। परिणाम: निर्विघ्न रूप से गृह प्रवेश सम्पन्न हुआ और व्यापारिक प्रतिष्ठान में निरंतर उन्नति हो रही है। समीक्षा: "मुहूर्त गणना में इतनी सूक्ष्मता और शास्त्रीय प्रमाण मैंने पहली बार देखा। पूरा आयोजन बिना किसी विघ्न के शांति से सम्पन्न हुआ।""

— सीए महेश जोशी (इंदौर)
दीपक पांडेय (इन्वेस्टमेंट बैंकर, मुंबई)

"परामर्श सेवा: दोष विचार एवं वैदिक निवारण समस्या: अनंत कालसर्प योग और प्रबल मांगलिक दोष के कारण जीवन में आकस्मिक रुकावटें और भय बना रहता था। समाधान: शास्त्र सम्मत कालसर्प शांति एवं महामृत्युंजय जप की विधि द्वारा वैदिक समाधान सम्पन्न कराया गया। परिणाम: जीवन में ठहराव आया, करियर में स्थिरता मिली और अज्ञात भय से पूर्ण मुक्ति मिली। समीक्षा: "शास्त्रों के गहन ज्ञान के साथ जिस सहजता से पंडित जी ने दोष का निवारण कराया, उससे मेरा आत्मविश्वास पूरी तरह लौट आया।""

— दीपक पांडेय (इन्वेस्टमेंट बैंकर, मुंबई)
श्रीमती सुनीता देवी (रायगढ़)

"परामर्श सेवा: ग्रह अनुकूलन हेतु रत्न निर्धारण समस्या: गलत रत्न पहनने से स्वास्थ्य में निरंतर गिरावट और रक्तचाप की समस्या। समाधान: लग्न कुण्डली के अनुसार मारक ग्रहों के रत्नों को तत्काल उतरवाया गया और अनुकूल कारक ग्रह हेतु सही धातु व विधिपूर्वक सिद्ध रत्न धारण कराया। परिणाम: स्वास्थ्य स्थिर हुआ और मानसिक तनाव में उल्लेखनीय राहत मिली। समीक्षा: "रत्न केवल फैशन नहीं बल्कि ऊर्जा हैं, यह पंडित जी से बात करके समझ आया। गलत रत्न हटवाकर सही मार्गदर्शन देने के लिए धन्यवाद।""

— श्रीमती सुनीता देवी (रायगढ़)
अमित पटेल (सॉफ्टवेयर इंजीनियर, पुणे / न्यू जर्सी)

"परामर्श सेवा: द्वादश भाव एवं विदेश योग विश्लेषण समस्या: वीजा और वर्क परमिट बार-बार रिजेक्ट हो रहा था। समाधान: अष्टम और द्वादश भाव के अधिपति ग्रहों का विश्लेषण कर राहु और चंद्रमा के उपाय तथा आवेदन हेतु शुभ नक्षत्र का चयन कराया गया। परिणाम: आवेदन स्वीकार हुआ और स्थायी निवास (PR) की प्रक्रिया सुगमता से पूर्ण हुई। समीक्षा: "विदेश जाने के सही समय और वीजा फाइलिंग का शुभ मुहूर्त जो पंडित जी ने दिया, उसी से मेरी वर्षों की मेहनत सफल हुई।""

— अमित पटेल (सॉफ्टवेयर इंजीनियर, पुणे / न्यू जर्सी)
प्रिया एवं विकास वर्मा (नागपुर)

"परामर्श सेवा: पंचम भाव विश्लेषण एवं संतान बाधा निवारण समस्या: विवाह के 7 वर्ष बीत जाने के बाद भी संतान सुख में अनिश्चितता थी। समाधान: दोनों की कुंडलियों में पंचमेश और गुरु ग्रह की स्थिति का अध्ययन कर विशेष तिथि-मुहूर्त व औषधीय/वैदिक शांति कराई गई। परिणाम: एक वर्ष के भीतर संतान प्राप्ति का शुभ समाचार मिला। ग्राहक समीक्षा: "चिकित्सीय परामर्श के साथ-साथ आपके द्वारा बताए गए धार्मिक उपाय और शुभ मुहूर्त ने हमारे जीवन में खुशियां भर दीं। हम सदैव आभारी रहेंगे।""

— प्रिया एवं विकास वर्मा (नागपुर)
डॉ. आलोक मिश्रा (दुर्ग-भिलाई)

"परामर्श सेवा: वैदिक वास्तु परामर्श (बिना तोड़-फोड़) समस्या: नए क्लीनिक और निवास में जाने के बाद से घर में कलह और स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियां बढ़ गई थीं। समाधान: नैऋत्य और आग्नेय कोण के ऊर्जा असंतुलन को पहचानकर बिना किसी तोड़-फोड़ के धातु, यंत्र व दिशा संशोधन कराया गया। परिणाम: घर का वातावरण शांत हुआ और क्लीनिक में मरीजों की संख्या में निरंतर वृद्धि हुई। समीक्षा: "बिना किसी तोड़-फोड़ के केवल ऊर्जा संतुलन के माध्यम से घर में इतनी सकारात्मकता आ जाना किसी चमत्कार से कम नहीं है।""

— डॉ. आलोक मिश्रा (दुर्ग-भिलाई)
सौरभ शर्मा (सिविल सेवा अभ्यर्थी, दिल्ली)

"परामर्श सेवा: करियर ज्योतिष एवं सूर्य-बृहस्पति योग विचार समस्या: प्रतियोगी परीक्षाओं में 3 बार अंतिम चयन सूची से बाहर हो रहे थे और मानसिक अवसाद था। समाधान: पत्रिका में दशमेश व एकादशेश की स्थिति देखकर उपयुक्त परीक्षा वर्ग, उचित दिशा और आदित्य हृदय स्तोत्र के विशेष संकल्प का सुझाव दिया गया। परिणाम: राज्य सेवा परीक्षा में प्रथम प्रयास में ही प्रशासनिक पद पर चयन हुआ। समीक्षा: "पंडित जी ने सटीक समय बताया था कि किस वर्ष और किस परीक्षा में सफलता मिलेगी। उनकी गणना अक्षरशः सत्य सिद्ध हुई।""

— सौरभ शर्मा (सिविल सेवा अभ्यर्थी, दिल्ली)
राजेश अग्रवाल (उद्योगपति, बिलासपुर)

"परामर्श सेवा: व्यापारिक ज्योतिष एवं दशम भाव विश्लेषण समस्या: नए वेंचर में लगातार घाटा हो रहा था और नकदी प्रवाह (कैश फ्लो) बाधित था। समाधान: जन्म पत्रिका में राहु की अंतर्दशा और बुध के बल का परीक्षण कर व्यावसायिक नाम व दिशा संबंधी संशोधन और अनुष्ठान कराए गए। परिणाम: 3 माह में व्यापार में अप्रत्याशित सुधार हुआ और नए अनुबंध प्राप्त हुए। समीक्षा: "व्यापार में जब सब रास्ते बंद लग रहे थे, तब आपके मार्गदर्शन ने नई दिशा दी। आपके सुझाए उपाय व्यावहारिक और बेहद प्रभावशाली हैं।""

— राजेश अग्रवाल (उद्योगपति, बिलासपुर)

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