✍️ CD Sharma · 📅 19 Aug 2026 · 🏷️ एकादशी व्रत, Ekadashi Vrat
एकादशी का व्रत केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि शारीरिक शुद्धि, आत्म-संयम और मानसिक एकाग्रता का प्रतीक है। उपवास कोई उत्सव न होकर तपस्या का दिन है, इसलिए इस दिन सात्विक और मितव्ययी आहार ही ग्रहण करना चाहिए।
व्रती अपनी शारीरिक क्षमता और संकल्प के आधार पर शास्त्रों में वर्णित चार प्रकार के व्रतों में से किसी एक का चयन कर सकते हैं।
विशेष नोट: नक्तभोजी आहार में साबूदाना, सिंघाड़ा, शकरकंद, आलू और मूंगफली का उपयोग किया जाता है। कुट्टू का आटा और सामक (समां) के चावल को 'छद्म अन्न' माना जाता है; अतः शास्त्रसम्मत दृष्टि से इनके प्रयोग से बचना ही उत्तम है।
1. कॉफी अथवा ब्लैक कॉफी
2. कोको पाउडर और चॉकलेट
3. दूध वाली चाय या काली चाय
4. पनीर और छेना निर्मित मिठाइयाँ
5. भैंस या बकरी का दूध
6. एलोपैथी दवाइयाँ
7. विटामिन सप्लीमेंट्स और बीज
8. च्यवनप्राश
9. हरी मटर
10. रूह अफ़ज़ा और प्रोसेस्ड ड्रिंक्स
एकादशी व्रत का वास्तविक उद्देश्य शरीर को हल्का, सात्विक रखना और मन को सांसारिक विकारों से दूर रखकर प्रभु भक्ति में लीन करना है। भोजन के चयन में जटिलता से बचते हुए सादगी अपनाना ही सर्वोत्तम मार्ग है।
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