बिना जन्म-विवरण के — अपने मन में स्पष्ट प्रश्न रखकर पूछें
1. तात्कालिक विधि: प्रश्न पूछे जाने के ठीक क्षण की कुंडली बनाकर पारंपरिक पराशरी नियमों से विश्लेषण — लग्न प्रश्नकर्ता को दर्शाता है।
2. KP संख्या विधि (1-249): कृष्णमूर्ति पद्धति — बिना जन्म-समय के, सिर्फ मन में आई संख्या से लग्न तय होता है। जन्म-विवरण न होने पर भी काम करता है।