सभी 9 ग्रह, गुलिक, प्राणपद — वर्तमान-राशि व फलादेश
⚠️ आगामी पंचक-काल — निर्दोष/मध्यम-पंचक
अधिकांश कार्यों में दोषरहित माना जाता है (सिर्फ़ 5 मुख्य त्याज्य-कर्म वर्जित रहते हैं)।
त्याज्य-कर्म: दक्षिण-दिशा की यात्रा, गृहच्छादन (छत ढालना/लिंटर डालना), तृण व काष्ठ (लकड़ी/ईंधन/घास) का संग्रह, नई चारपाई/शैया-निर्माण, शवदाह (बिना शांति-विधान के)
🔥 इस-वर्ष का नवतपा
सूर्य के रोहिणी-नक्षत्र-प्रवेश से 9-दिन तक अत्यधिक-ताप का काल माना जाता है — इस दौरान वर्षा-पूर्व-अनुमान व कृषि-कार्यों हेतु शास्त्रों में विशेष-महत्व है।
दिन 1 (25 May 2027, 09:35 PM बजे) — आर्द्रा नक्षत्र का गर्भ
भविष्य में वर्षा-काल: जून का तृतीय-सप्ताह (~21-22 जून)
मानसून का प्रादुर्भाव — आर्द्रा को वर्षा-ऋतु का प्रवेश-द्वार कहा जाता है, समय पर व मूसलाधार मानसून-आगमन का संकेत।
दिन 2 (26 May 2027, 09:35 PM बजे) — पुनर्वसु नक्षत्र का गर्भ
भविष्य में वर्षा-काल: जुलाई का प्रथम-पखवाड़ा (~6-19 जुलाई)
अखंड जल-प्रवाह — निरंतर, मध्यम व उपजाऊ फुहारें, धान की रोपाई हेतु अमृत-तुल्य।
दिन 3 (27 May 2027, 09:35 PM बजे) — पुष्य नक्षत्र का गर्भ
भविष्य में वर्षा-काल: जुलाई का उत्तरार्ध (~20 जुलाई-2 अगस्त)
पुष्ट एवं सघन वर्षा ("जलप्लावक वर्षा") — नदियां-नाले-बांध वेग से भरेंगे।
दिन 4 (28 May 2027, 09:35 PM बजे) — अश्लेषा नक्षत्र का गर्भ
भविष्य में वर्षा-काल: अगस्त का प्रथम-पखवाड़ा (~3-16 अगस्त)
दीर्घकालिक झड़ी — लगातार कई-दिनों तक सतत-वर्षा, भूजल-स्तर वृद्धि।
दिन 5 (29 May 2027, 09:35 PM बजे) — मघा नक्षत्र का गर्भ
भविष्य में वर्षा-काल: अगस्त का उत्तरार्ध (~17-30 अगस्त)
अमृततुल्य वृष्टि — धान्य की पराकाष्ठा-वृद्धि, अन्न की कोई कमी नहीं रहती।
दिन 6 (30 May 2027, 09:35 PM बजे) — पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र का गर्भ
भविष्य में वर्षा-काल: अगस्त-अंत/सितंबर-प्रारंभ (~31 अगस्त-12 सितंबर)
फसलों का विकास — भाद्रपद के मानसून-ठहराव (Monsoon Break) को रोकता है।
दिन 7 (31 May 2027, 09:35 PM बजे) — उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र का गर्भ
भविष्य में वर्षा-काल: सितंबर का मध्य (~13-26 सितंबर)
खरीफ की अंतिम-सिंचाई — पकी-फसलों को पोषण, रबी-बुवाई हेतु मिट्टी में नमी।
दिन 8 (01 Jun 2027, 09:35 PM बजे) — हस्त नक्षत्र का गर्भ
भविष्य में वर्षा-काल: सितंबर-अंत/अक्टूबर-प्रारंभ (~27 सितंबर-9 अक्टूबर)
हथिया की समृद्धि — "हस्ते बरसे चित्र मडराए, घर बैठे किसान कंकना बजाए", धान की बालियां भारी-चमकदार बनती हैं।
दिन 9 (02 Jun 2027, 09:35 PM बजे) — चित्रा नक्षत्र का गर्भ
भविष्य में वर्षा-काल: अक्टूबर का मध्य (~10-23 अक्टूबर)
मानसून की सम्मानजनक-विदाई — खेतों में पर्याप्त-नमी छूटती है, रबी-बुवाई (गेहूं/चना/सरसों) हेतु अनुकूल।
⚠️ "रोहिणी-गलन": बृहत्संहिता के अनुसार यदि नवतपा के किसी-दिन वर्षा/आंधी से शीतलता आ जाए, तो उस-दिन के अनुरूप-नक्षत्र में 4-महीने बाद सूखे की आशंका मानी जाती है।
सूर्य हर-राशि में लगभग 1 महीना रहते हैं
ⓘ ऊपर दिया फलादेश सामान्य-राशि-आधारित है — पूर्ण-सटीक व्यक्तिगत-फल हेतु अपनी जन्म-कुंडली से गोचर मिलवाना आवश्यक है।