🕉️ 27 September 2026, Sunday · 04:56:02 AM · CDSHARMA.IN
ॐ

॥ वार्षिक सूर्य-चन्द्र ग्रहण निर्णय एवं सचित्र प्रावस्था ॥

सत्यापित खगोलीय प्रावस्था आरेख, सूतक विचार, द्वादश राशि फलित एवं शास्त्रीय शान्ति उपाय

📍 वर्तमान-स्थान: New Delhi

ग्रहण-विवरण आपके निकटतम-सत्यापित-शहर (नई दिल्ली) के अनुसार दिखाया जा रहा है — बिल्कुल आपके ठीक-गांव/कस्बे का सटीक-डेटा नहीं।

सचित्र प्रावस्था आरेख

सूक्ष्म ग्रासमान:100%

● उत्तर (N) शीर्ष पर है। छाया का संचलन शास्त्रीय स्पर्श-दिशा के अनुसार दर्शाया गया है — यह सांकेतिक-चित्रण है, नक्षत्रीय दूरबीन-दृश्य नहीं।

तिथि व संवत्:
आच्छादित राशि व नक्षत्र:
चरम ग्रासमान (Magnitude):
स्पर्श--:--
मध्य--:--
मोक्ष--:--
धर्मशास्त्रीय निर्णय:

॥ द्वादश राशि गोचर फलित (ग्रहण प्रभाव) ॥

॥ अनिष्ट निवारक शास्त्रीय उपाय, दान एवं सिद्ध मन्त्र ॥

सूतक एवं वेध यम-नियम:सूतक काल से मोक्ष पर्यन्त भोजन, शयन, मूर्ति स्पर्श एवं नवीन कार्य का आरंभ वर्जित है। बाल, वृद्ध, रोगी व गर्भवती महिलाओं पर यह कठोर नियम शिथिल रहता है। पका हुआ अन्न व कटे फल ग्रहण पूर्व कुशा/तुलसी दल डालकर सुरक्षित रखें।
गर्भवती महिलाओं हेतु रक्षा विधान:ग्रहण अवधि में कैंची, सुई, चाकू जैसे तीक्ष्ण उपकरणों का प्रयोग न करें। अग्नि प्रज्वलित न करें। मस्तक व उदर पर हल्का गेरू का लेप करें तथा 'संतान गोपाल मन्त्र' अथवा 'गायत्री मन्त्र' का मानसिक जप करें।
महाफलदायी ग्रहण कालीन जप मन्त्र:सूर्य ग्रहण में: ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः
चन्द्र ग्रहण में: ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः
राहू शांति मन्त्र: ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः
मोक्ष स्नान एवं महादान सामग्री:ग्रहण मोक्ष होते ही गंगाजल मिश्रित शीतल शुद्ध जल से स्नान करें। अनिष्ट राशि वाले जातक कांस्य पात्र में घी भरकर तांबे/चांदी का सिक्का डालकर छायापात्र दान करें। गुड़, गेहूं, तिल, कंबल व वस्त्र का दान सुपात्र को करें।

पंचांगीय सम्पादन: पं. छत्रधर शर्मा • cdsharma.in

ⓘ तारीख़/समय बहु-स्रोत से सत्यापित — फिर भी अंतिम-दिन के पास स्थानीय-पंचांग/timeanddate.com से अपने-शहर का ठीक-समय मिला लें, चूंकि सूर्य-ग्रहण की दृश्यता व समय शहर-दर-शहर बदलती है।

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