🕉️ 29 October 2026, Thursday · 05:11:14 PM · CDSHARMA.IN

♏ वृश्चिक दैनिक राशिफल

स्वामी ग्रह: मंगल · तत्व: जल · नामाक्षर: तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

7/10शुभ

📅 29 अक्टूबर 2026

आज का समग्र फल शुभ (7/10) रहेगा। सबसे बड़ा सहारा चंद्र का है, जो आपकी राशि से सप्तम भाव में है — साथी से सुख, सम्मान व यात्रा से लाभ। सावधानी शनि के कारण रखें (पंचम भाव) — संतान की चिंता, बुद्धि-भ्रम व कलह।

🎨 शुभ रंग: सफ़ेद 🔢 शुभ अंक: 2 🧭 शुभ दिशा: वायव्य ⭐ सहायक ग्रह: चंद्र

🌙 आज का पंचांग व चंद्र-गोचर (उज्जैन)

वारगुरुवार
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्थी
नक्षत्ररोहिणी
योगपरिघ
सूर्योदय06:30 AM
✅ अभिजित11:48 AM - 12:33 PM
⛔ राहुकाल01:35 PM - 03:00 PM
दिशाशूलदक्षिण

चंद्रमा आज वृषभ राशि (रोहिणी नक्षत्र) में, आपकी राशि से सप्तम भाव में — चंद्र-बल अनुकूल है।

↪️ आज दिन में चंद्रमा मिथुन राशि (आपसे अष्टम भाव) में प्रवेश करेगा — चंद्राष्टम — स्वास्थ्य व मन पर दबाव; बड़े निर्णय व जोखिम टालें।

✅ क्या करें
नए काम की शुरुआत, मुलाक़ात व बातचीत के लिए दिन अनुकूल है।
अटके कार्यों को आगे बढ़ाएं।
❌ क्या न करें
अति-उत्साह में वादे न करें।

📊 क्षेत्र-वार फल

💼 करियर व कार्यक्षेत्र3/10

सतर्कता से चलें। मंगल (नवम भाव): अनावश्यक विवाद, दुर्बलता व मान-हानि से बचें। बुध (द्वादश भाव, वक्री): व्यय, अपमान का भय व कागज़ी कार्यों में त्रुटि की आशंका।

💰 धन व आर्थिक स्थिति8/10

यह क्षेत्र इस अवधि में बहुत अनुकूल है। चंद्र (सप्तम भाव): साथी से सुख, सम्मान व यात्रा से लाभ। ध्यान रखें — सूर्य (द्वादश भाव): व्यय-वृद्धि, नींद व नेत्र-कष्ट; दूर की यात्रा हो सकती है।

💞 प्रेम व दाम्पत्य9/10

यह क्षेत्र इस अवधि में बहुत अनुकूल है। चंद्र (सप्तम भाव): साथी से सुख, सम्मान व यात्रा से लाभ। ध्यान रखें — शनि (पंचम भाव, वक्री): संतान की चिंता, बुद्धि-भ्रम व कलह।

🏠 परिवार व घर9/10

यह क्षेत्र इस अवधि में बहुत अनुकूल है। चंद्र (सप्तम भाव): साथी से सुख, सम्मान व यात्रा से लाभ। ध्यान रखें — राहु (चतुर्थ भाव): घरेलू अशांति व मानसिक बेचैनी।

🩺 स्वास्थ्य3/10

सतर्कता से चलें। सूर्य (द्वादश भाव): व्यय-वृद्धि, नींद व नेत्र-कष्ट; दूर की यात्रा हो सकती है। शनि (पंचम भाव, वक्री): संतान की चिंता, बुद्धि-भ्रम व कलह।

🧘 मन व भाग्य7/10

स्थिति अनुकूल है। चंद्र (सप्तम भाव): साथी से सुख, सम्मान व यात्रा से लाभ। ध्यान रखें — शनि (पंचम भाव, वक्री): संतान की चिंता, बुद्धि-भ्रम व कलह।

🔮 उपाय (बुध हेतु — करियर व कार्यक्षेत्र को बल देने के लिए)

🪔 लालकिताब-उपाय: प्रातः गणेशजी का स्मरण करें, वाणी में मिठास व सत्य का पालन करें। 🛕 पूजा-पाठ: गणेश-मंदिर दर्शन, विष्णु-सहस्रनाम पाठ। 🔢 शुभ-अंक: 5। 🕉️ मंत्र-जाप: "ॐ बुधाय नमः" (9000 बार)। 🤝 सेवा: विद्यार्थियों को मुफ़्त शिक्षा/मार्गदर्शन, लेखन/संचार-कौशल से समाज-सेवा।

🙏 विशेष समाधान: 💎 रत्न: पन्ना (Emerald) (धारण से पूर्व अनुभवी ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें)। 📿 रुद्राक्ष: ४ (चार) मुखी रुद्राक्ष धारण करना लाभकारी माना जाता है। 🕉️ अत्यंत प्रतिकूल समय में महामृत्युंजय मंत्र का जाप विशेष रूप से शांति व सुरक्षा प्रदान करने वाला माना जाता है।

🪐 ग्रह-स्थिति व गोचर-फल (वेध-विचार सहित)
ग्रहराशिभावफल
सूर्य तुलाद्वादश व्यय-वृद्धि, नींद व नेत्र-कष्ट; दूर की यात्रा हो सकती है।
चंद्र वृषभसप्तम साथी से सुख, सम्मान व यात्रा से लाभ।
मंगल कर्कनवम अनावश्यक विवाद, दुर्बलता व मान-हानि से बचें।
बुध वक्री तुलाद्वादश व्यय, अपमान का भय व कागज़ी कार्यों में त्रुटि की आशंका।
गुरु कर्कनवम भाग्योदय, धर्म-कार्य व उन्नति के अवसर। (केतु का वेध — शुभ फल रुकेगा)
शुक्र वक्री तुलाद्वादश धन-आगमन; व्यय भी सुखद कार्यों पर।
शनि वक्री मीनपंचम संतान की चिंता, बुद्धि-भ्रम व कलह।
राहु कुंभचतुर्थ घरेलू अशांति व मानसिक बेचैनी।
केतु सिंहदशम कार्यक्षेत्र में अनमनापन, पर अचानक परिवर्तन से नया रास्ता भी।

भाव आपकी चंद्र-राशि (वृश्चिक) से गिने गए हैं। स्थिति प्रातः 7 बजे की।

ⓘ यह राशिफल जन्म-राशि (चंद्र-राशि) से ग्रहों के गोचर पर आधारित है — फलदीपिका व मुहूर्त-चिंतामणि की शास्त्रीय गोचर-फल तालिका, वेध-विचार, चंद्राष्टम, साढ़ेसाती-ढैय्या सहित। व्यक्तिगत फल आपकी जन्म-कुंडली की दशा व अष्टकवर्ग से बदल सकते हैं — सटीक मार्गदर्शन हेतु अपनी कुंडली देखें।

अन्य राशियाँ

💬 ज्योतिषीय प्रश्न पूछें