स्वामी ग्रह: बृहस्पति · तत्व: अग्नि · नामाक्षर: ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे
📅 29 अक्टूबर 2026
आज का समग्र फल उत्तम (8/10) रहेगा। सबसे बड़ा सहारा चंद्र का है, जो आपकी राशि से षष्ठ भाव में है — शत्रुओं पर विजय, स्वास्थ्य में सुधार व धन-लाभ। सावधानी शनि के कारण रखें (चतुर्थ भाव) — ढैय्या (कंटक शनि) — गृह-कलह, मित्र-हानि व संपत्ति-वाहन में कष्ट।
चंद्रमा आज वृषभ राशि (रोहिणी नक्षत्र) में, आपकी राशि से षष्ठ भाव में — चंद्र-बल अनुकूल है।
↪️ आज दिन में चंद्रमा मिथुन राशि (आपसे सप्तम भाव) में प्रवेश करेगा — साथी से सुख, सम्मान व यात्रा से लाभ।
यह क्षेत्र इस अवधि में बहुत अनुकूल है। सूर्य (एकादश भाव): नए लाभ, सम्मान व स्वास्थ्य में सुधार; रुका धन मिल सकता है। ध्यान रखें — शनि (चतुर्थ भाव, वक्री): ढैय्या (कंटक शनि) — गृह-कलह, मित्र-हानि व संपत्ति-वाहन में कष्ट।
यह क्षेत्र इस अवधि में बहुत अनुकूल है। चंद्र (षष्ठ भाव): शत्रुओं पर विजय, स्वास्थ्य में सुधार व धन-लाभ। ध्यान रखें — गुरु (अष्टम भाव): कष्ट, धन-हानि व यात्रा में बाधा; स्वास्थ्य पर ध्यान दें।
यह क्षेत्र इस अवधि में बहुत अनुकूल है। चंद्र (षष्ठ भाव): शत्रुओं पर विजय, स्वास्थ्य में सुधार व धन-लाभ।
स्थिति अनुकूल है। चंद्र (षष्ठ भाव): शत्रुओं पर विजय, स्वास्थ्य में सुधार व धन-लाभ। ध्यान रखें — शनि (चतुर्थ भाव, वक्री): ढैय्या (कंटक शनि) — गृह-कलह, मित्र-हानि व संपत्ति-वाहन में कष्ट।
यह क्षेत्र इस अवधि में बहुत अनुकूल है। चंद्र (षष्ठ भाव): शत्रुओं पर विजय, स्वास्थ्य में सुधार व धन-लाभ। ध्यान रखें — गुरु (अष्टम भाव): कष्ट, धन-हानि व यात्रा में बाधा; स्वास्थ्य पर ध्यान दें।
यह क्षेत्र इस अवधि में बहुत अनुकूल है। चंद्र (षष्ठ भाव): शत्रुओं पर विजय, स्वास्थ्य में सुधार व धन-लाभ। ध्यान रखें — शनि (चतुर्थ भाव, वक्री): ढैय्या (कंटक शनि) — गृह-कलह, मित्र-हानि व संपत्ति-वाहन में कष्ट।
🪔 लालकिताब-उपाय: प्रातः पीपल के वृक्ष को जल अर्पित करें, ईमानदारी व धैर्य बनाए रखें। 🛕 पूजा-पाठ: शनि-मंदिर/हनुमान-मंदिर दर्शन, शनिवार व्रत। 🔢 शुभ-अंक: 8। 🕉️ मंत्र-जाप: "ॐ नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम् । छायामार्तण्डसंभूतं तं नमामि शनैश्चरम् ॥" (23000 बार)। 🤝 सेवा: मज़दूरों-सेवकों का सम्मान, वृद्धाश्रम/निराश्रितों की सेवा, न्याय-संबंधी निःस्वार्थ सहायता।
| ग्रह | राशि | भाव | फल |
|---|---|---|---|
| सूर्य | तुला | एकादश | नए लाभ, सम्मान व स्वास्थ्य में सुधार; रुका धन मिल सकता है। |
| चंद्र | वृषभ | षष्ठ | शत्रुओं पर विजय, स्वास्थ्य में सुधार व धन-लाभ। |
| मंगल | कर्क | अष्टम | दुर्घटना/रक्तस्राव का भय व धन-हानि; वाहन सावधानी से चलाएं। |
| बुध वक्री | तुला | एकादश | धन, सुख, मित्रों का सहयोग व व्यापार में वृद्धि। |
| गुरु | कर्क | अष्टम | कष्ट, धन-हानि व यात्रा में बाधा; स्वास्थ्य पर ध्यान दें। |
| शुक्र वक्री | तुला | एकादश | धन-लाभ, मित्र-सुख व इच्छा-पूर्ति। (राहु का वेध — शुभ फल रुकेगा) |
| शनि वक्री | मीन | चतुर्थ | ढैय्या (कंटक शनि) — गृह-कलह, मित्र-हानि व संपत्ति-वाहन में कष्ट। |
| राहु | कुंभ | तृतीय | साहस, नए प्रयोग व साहसिक कार्यों में सफलता। |
| केतु | सिंह | नवम | भाग्य में बाधा, पर तीर्थ/धर्म में रुचि बढ़ेगी। |
भाव आपकी चंद्र-राशि (धनु) से गिने गए हैं। स्थिति प्रातः 7 बजे की।
ⓘ यह राशिफल जन्म-राशि (चंद्र-राशि) से ग्रहों के गोचर पर आधारित है — फलदीपिका व मुहूर्त-चिंतामणि की शास्त्रीय गोचर-फल तालिका, वेध-विचार, चंद्राष्टम, साढ़ेसाती-ढैय्या सहित। व्यक्तिगत फल आपकी जन्म-कुंडली की दशा व अष्टकवर्ग से बदल सकते हैं — सटीक मार्गदर्शन हेतु अपनी कुंडली देखें।