अगस्त्य ऋषि प्रणीत वैदिक बायो-रिदम द्वारा जन्म पक्षी, ५ प्रहर अवस्था एवं सटीक कार्य-सिद्धि काल
• १. राज्य (Ruling - १००% फल): यह आपकी सर्वोच्च ऊर्जा वेला है। इस समय किए गए कार्य, नवीन अनुबंध, साक्षात्कार, मुकदमा एवं समझौते निश्चित विजय दिलाते हैं।
• २. भोजन (Eating - ८०% फल): धन आगमन, व्यापारिक यात्रा, क्रय-विक्रय एवं मांगलिक कार्यों के लिए अत्यंत शुभ और पुष्टिकारक समय।
• ३. गमन (Walking - ५०% फल): सामान्य दिनचर्या, यात्रा एवं सामान्य बातचीत हेतु मध्यम काल। बड़े निर्णयों को टालें।
• ४. शयन (Sleeping - २०% फल): ऊर्जा में शिथिलता रहती है। केवल विश्राम, ध्यान एवं ईश्वर भजन करें; नया कार्य न आरम्भ करें।
• ५. मरण (Dying - ०% फल): पूर्णतः वर्जित काल। इस वेला में कोई भी महत्वपूर्ण कार्य, धन का लेन-देन या जोखिम न लें; हानि की प्रबल संभावना रहती है।