सातों काण्ड · दोहा-क्रम सहित · कामना-अनुसार सिद्ध चौपाई का सम्पुट · नवाह्न व मास पारायण
⏳ पाठ लोड हो रहा है…
📿 मानस का सम्पुट पाठ क्या है व कैसे करें
सम्पुट — मानस की किसी "सिद्ध" चौपाई या दोहे को अपनी कामना के अनुसार चुनकर पाठ की हर चौपाई-दोहे (या हर दोहा-समूह) के साथ पढ़ना। उभय में आगे व पीछे दोनों ओर, आदि में केवल आगे, अन्त में केवल पीछे।
पारायण: नवाह्न (9 दिन) व मास (30 दिन) पारायण प्रचलित हैं। यहाँ की योजना पाठ को समान भागों में बाँटती है — परम्परागत विश्राम-स्थान गीताप्रेस आदि की मुद्रित प्रति में दिए होते हैं, अनुष्ठान में उन्हीं का पालन करें।
पाठ से पहले गणेश, गुरु, शिव-पार्वती, हनुमान जी का स्मरण व संकल्प; पाठ के अंत में आरती व क्षमा-प्रार्थना की परम्परा है। सकाम अनुष्ठान योग्य आचार्य से परामर्श करके करें।
किसी दोहे के 📌 चिह्न को दबाकर पाठ-स्थान सहेजें — अगली बार "📌 जहाँ छोड़ा था" से वहीं पहुँचें। काण्ड के अंत में "✓ पूर्ण" से प्रगति सहेजें (इसी फ़ोन/कम्प्यूटर में)।
पाठ-आधार: IIT कानपुर रामचरितमानस परियोजना का पाठ (DharmicData संकलन, ODbL) — सातों काण्डों के सभी दोहा-क्रमांक मानक संख्या (३६१, ३२६, ४६, ३०, ६०, १२१, १३०) से जांचे गए; काण्ड 2–7 के अंतिम खण्ड (स्रोत में अनुपस्थित) मानक गीताप्रेस पाठ से जोड़े गए हैं। पाठ-भेद संभव है — अनुष्ठान में मुद्रित प्रति से मिलान करें।