🕉️ 14 October 2026, Wednesday · 04:35:38 AM · CDSHARMA.IN

🧭 यात्रा-विचार

दिशाशूल, योगिनी, चन्द्रवास, राहुकाल, भद्रा, पंचक व चौघड़िया — प्रस्थान से पहले एक दृष्टि

दिशा पता न हो तो: गन्तव्य आपके स्थान से जिस ओर है वही दिशा चुनें (जैसे पटना से दिल्ली — पश्चिम)।

ⓘ The main city's coordinates for your selected state will be used automatically (approximate).

📘 यात्रा-विचार के नियम

  • दिशाशूल — वार-अनुसार एक दिशा में शूल: सोम-शनि पूर्व, मंगल-बुध उत्तर, गुरु दक्षिण, रवि-शुक्र पश्चिम।
  • योगिनी — तिथि-अनुसार दिशा बदलती है; सम्मुख या बाएँ अशुभ, दाहिने या पीछे शुभ।
  • चन्द्रवास — चन्द्रमा की राशि से उसकी दिशा; सम्मुख व दाहिने शुभ, पीछे व बाएँ अशुभ।
  • तिथि — रिक्ता (4, 9, 14) व अमावस्या वर्जित; षष्ठी, अष्टमी, द्वादशी मध्यम। नक्षत्र — अश्विनी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा, रेवती उत्तम।
  • राहुकाल, भद्रा व पंचक (विशेषतः दक्षिण दिशा) में प्रस्थान न करें। सारी गणना साइट के पंचांग-इंजन से आपके स्थान व समय के अनुसार।
  • चिकित्सा, आपदा या अनिवार्य कार्य की यात्रा में मुहूर्त की प्रतीक्षा न करें — इष्ट-स्मरण करके निकलें।
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