किसी भी संस्कृत शब्द के आठों विभक्तियों व तीनों वचनों के रूप — मूल शब्द या कोई भी रूप (जैसे रामेण, मत्याः, तस्य) लिखें
अरण्य, जंगल, वृक्षों का झुरमुट
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | वनम् | वने | वनानि |
| द्वितीया | वनम् | वने | वनानि |
| तृतीया | वनेन | वनाभ्याम् | वनैः |
| चतुर्थी | वनाय | वनाभ्याम् | वनेभ्यः |
| पञ्चमी | वनात् / वनाद् | वनाभ्याम् | वनेभ्यः |
| षष्ठी | वनस्य | वनयोः | वनानाम् |
| सप्तमी | वने | वनयोः | वनेषु |
| सम्बोधन | हे वन | हे वने | हे वनानि |
ⓘ नियमित शब्दों के रूप प्रतिमान से स्वतः बनते हैं (शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com); सर्वनाम, संख्या व अनियमित शब्दों (पति, सखि, पथिन्, पुंस् आदि) की तालिकाएँ हाथ से जाँची गयी हैं। अर्थ — आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश; पर्याय — अमरकोश। धातुओं के रूप हेतु धातु-रूपावली, किसी श्लोक के विश्लेषण हेतु श्लोकार्थ-बोधिनी।