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📗 शब्द-रूपावली

किसी भी संस्कृत शब्द के आठों विभक्तियों व तीनों वचनों के रूप — मूल शब्द या कोई भी रूप (जैसे रामेण, मत्याः, तस्य) लिखें

लिङ्ग:

पति (पुंलिङ्ग)

पति, स्वामी (इकारान्त पुंलिङ्ग — विशेष)

विभक्तिएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमापतिःपतीपतयः
द्वितीयापतिम्पतीपतीन्
तृतीयापत्यापतिभ्याम्पतिभिः
चतुर्थीपत्येपतिभ्याम्पतिभ्यः
पञ्चमीपत्युःपतिभ्याम्पतिभ्यः
षष्ठीपत्युःपत्योःपतीनाम्
सप्तमीपत्यौपत्योःपतिषु
सम्बोधनहे पतेहे पतीहे पतयः

📌 समास के अन्त में (जैसे भूपति, प्रजापति) "हरि" के समान रूप चलते हैं — भूपतिना, भूपतेः।

अर्थ: —
संस्कृत: पर्याय: धव, प्रिय, भर्तृ

📚 अमरकोश में:
• पति के नाम (२.६.३५) — पर्याय: धव, प्रिय, भर्ता
• धव (३.३.२१७) — पर्याय: मनुष्य
• स्वामी (३.१.१०) — पर्याय: स्वामी, ईश्वर, ईशिता

जाँची तालिका यह तालिका हाथ से जाँची गयी है।

अकारान्त पुंलिङ्ग

आकारान्त स्त्रीलिङ्ग

इकारान्त

ईकारान्त / ऊकारान्त

उकारान्त

ऋकारान्त / ओकारान्त

अकारान्त नपुंसकलिङ्ग

हलन्त (व्यञ्जनान्त)

सर्वनाम

संख्यावाचक

ⓘ नियमित शब्दों के रूप प्रतिमान से स्वतः बनते हैं (शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com); सर्वनाम, संख्या व अनियमित शब्दों (पति, सखि, पथिन्, पुंस् आदि) की तालिकाएँ हाथ से जाँची गयी हैं। अर्थ — आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश; पर्याय — अमरकोश। धातुओं के रूप हेतु धातु-रूपावली, किसी श्लोक के विश्लेषण हेतु श्लोकार्थ-बोधिनी।

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