🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 04:21:21 PM · CDSHARMA.IN

📗 शब्द-रूपावली

किसी भी संस्कृत शब्द के आठों विभक्तियों व तीनों वचनों के रूप — मूल शब्द या कोई भी रूप (जैसे रामेण, मत्याः, तस्य) लिखें

लिङ्ग:

सर्व (पुंलिङ्ग)

सब (पुंलिङ्ग — सर्वनाम-शब्द)

विभक्तिएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमासर्वःसर्वौसर्वे
द्वितीयासर्वम्सर्वौसर्वान्
तृतीयासर्वेणसर्वाभ्याम्सर्वैः
चतुर्थीसर्वस्मैसर्वाभ्याम्सर्वेभ्यः
पञ्चमीसर्वस्मात्सर्वाभ्याम्सर्वेभ्यः
षष्ठीसर्वस्यसर्वयोःसर्वेषाम्
सप्तमीसर्वस्मिन्सर्वयोःसर्वेषु
सम्बोधनहे सर्वहे सर्वौहे सर्वे

अर्थ: —
संस्कृत: पर्याय: सम, विश्व, अशेष, कृत्स्न, समस्त

📚 अमरकोश में:
• सम्पूर्ण (३.१.६३) — पर्याय: सम

जाँची तालिका यह तालिका हाथ से जाँची गयी है।

अकारान्त पुंलिङ्ग

आकारान्त स्त्रीलिङ्ग

इकारान्त

ईकारान्त / ऊकारान्त

उकारान्त

ऋकारान्त / ओकारान्त

अकारान्त नपुंसकलिङ्ग

हलन्त (व्यञ्जनान्त)

सर्वनाम

संख्यावाचक

ⓘ नियमित शब्दों के रूप प्रतिमान से स्वतः बनते हैं (शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com); सर्वनाम, संख्या व अनियमित शब्दों (पति, सखि, पथिन्, पुंस् आदि) की तालिकाएँ हाथ से जाँची गयी हैं। अर्थ — आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश; पर्याय — अमरकोश। धातुओं के रूप हेतु धातु-रूपावली, किसी श्लोक के विश्लेषण हेतु श्लोकार्थ-बोधिनी।

💬 ज्योतिषीय प्रश्न पूछें