🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 04:20:13 PM · CDSHARMA.IN

📗 शब्द-रूपावली

किसी भी संस्कृत शब्द के आठों विभक्तियों व तीनों वचनों के रूप — मूल शब्द या कोई भी रूप (जैसे रामेण, मत्याः, तस्य) लिखें

लिङ्ग:

हरि (पुंलिङ्ग)

हरा, हरा-पीला

विभक्तिएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमाहरिःहरीहरयः
द्वितीयाहरिम्हरीहरीन्
तृतीयाहरिणाहरिभ्याम्हरिभिः
चतुर्थीहरयेहरिभ्याम्हरिभ्यः
पञ्चमीहरेःहरिभ्याम्हरिभ्यः
षष्ठीहरेःहर्योःहरीणाम्
सप्तमीहरौहर्योःहरिषु
सम्बोधनहे हरेहे हरीहे हरयः

अर्थ: हरा, हरा-पीला
संस्कृत: पर्याय: सर्प, पृदाकु, भुजग, भुजङ्ग, अहि

📚 अमरकोश में:
• साँप के और नाम (१.८.९) — पर्याय: लेलिहान, द्विरसन, गोकर्ण, कंचुकी, कुम्भीनस, फणधर, भोगधर
• सिंह के नाम (२.५.१) — पर्याय: सिंह, मृगेन्द्र, पंचास्य, हर्यक्ष, केसरी, कण्ठीरव, मृगरिपु, मृगदृष्टि, मृगाशन

प्रतिमान-आधारित रूप शब्द के प्रतिमान (paradigm) से स्वतः बने हैं — दुर्लभ/अनियमित शब्दों में किसी व्याकरण-ग्रन्थ से मिलान कर लें।

अकारान्त पुंलिङ्ग

आकारान्त स्त्रीलिङ्ग

इकारान्त

ईकारान्त / ऊकारान्त

उकारान्त

ऋकारान्त / ओकारान्त

अकारान्त नपुंसकलिङ्ग

हलन्त (व्यञ्जनान्त)

सर्वनाम

संख्यावाचक

ⓘ नियमित शब्दों के रूप प्रतिमान से स्वतः बनते हैं (शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com); सर्वनाम, संख्या व अनियमित शब्दों (पति, सखि, पथिन्, पुंस् आदि) की तालिकाएँ हाथ से जाँची गयी हैं। अर्थ — आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश; पर्याय — अमरकोश। धातुओं के रूप हेतु धातु-रूपावली, किसी श्लोक के विश्लेषण हेतु श्लोकार्थ-बोधिनी।

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