🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 06:37:51 PM · CDSHARMA.IN

📗 शब्द-रूपावली

किसी भी संस्कृत शब्द के आठों विभक्तियों व तीनों वचनों के रूप — मूल शब्द या कोई भी रूप (जैसे रामेण, मत्याः, तस्य) लिखें

लिङ्ग:

दिश् (स्त्रीलिङ्ग)

. , कर्तृ.ए.ब . दिक् , दिग् " - दिशति ददात्यवकाशम् दिश् + क्विप् "दिशा, दिग्बिन्दु, चार दिशाएँ, परिधि का बिन्दु, आकाश का चौथाई

विभक्तिएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमादिक् / दिग्दिशौदिशः
द्वितीयादिशम्दिशौदिशः
तृतीयादिशादिग्भ्याम्दिग्भिः
चतुर्थीदिशेदिग्भ्याम्दिग्भ्यः
पञ्चमीदिशःदिग्भ्याम्दिग्भ्यः
षष्ठीदिशःदिशोःदिशाम्
सप्तमीदिशिदिशोःदिक्षु
सम्बोधनहे दिक् / हे दिग्हे दिशौहे दिशः

अर्थ: . , कर्तृ.ए.ब . दिक् , दिग् " - दिशति ददात्यवकाशम् दिश् + क्विप् "दिशा, दिग्बिन्दु, चार दिशाएँ, परिधि का बिन्दु, आकाश का चौथाई
संस्कृत: पर्याय: ककुभ्, काष्ठा, आशा, हरित्, गो

📚 अमरकोश में:
• दिशा के नाम (१.३.१) — पर्याय: ककुभ्, काष्ठा, आशा, हरित्, प्राची, अवाची, प्रतीची

प्रतिमान-आधारित रूप शब्द के प्रतिमान (paradigm) से स्वतः बने हैं — दुर्लभ/अनियमित शब्दों में किसी व्याकरण-ग्रन्थ से मिलान कर लें।

अकारान्त पुंलिङ्ग

आकारान्त स्त्रीलिङ्ग

इकारान्त

ईकारान्त / ऊकारान्त

उकारान्त

ऋकारान्त / ओकारान्त

अकारान्त नपुंसकलिङ्ग

हलन्त (व्यञ्जनान्त)

सर्वनाम

संख्यावाचक

ⓘ नियमित शब्दों के रूप प्रतिमान से स्वतः बनते हैं (शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com); सर्वनाम, संख्या व अनियमित शब्दों (पति, सखि, पथिन्, पुंस् आदि) की तालिकाएँ हाथ से जाँची गयी हैं। अर्थ — आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश; पर्याय — अमरकोश। धातुओं के रूप हेतु धातु-रूपावली, किसी श्लोक के विश्लेषण हेतु श्लोकार्थ-बोधिनी।

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