किसी भी संस्कृत शब्द के आठों विभक्तियों व तीनों वचनों के रूप — मूल शब्द या कोई भी रूप (जैसे रामेण, मत्याः, तस्य) लिखें
मार्ग (नकारान्त पुंलिङ्ग — विशेष)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | पन्थाः | पन्थानौ | पन्थानः |
| द्वितीया | पन्थानम् | पन्थानौ | पथः |
| तृतीया | पथा | पथिभ्याम् | पथिभिः |
| चतुर्थी | पथे | पथिभ्याम् | पथिभ्यः |
| पञ्चमी | पथः | पथिभ्याम् | पथिभ्यः |
| षष्ठी | पथः | पथोः | पथाम् |
| सप्तमी | पथि | पथोः | पथिषु |
| सम्बोधन | हे पन्थाः | हे पन्थानौ | हे पन्थानः |
ⓘ नियमित शब्दों के रूप प्रतिमान से स्वतः बनते हैं (शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com); सर्वनाम, संख्या व अनियमित शब्दों (पति, सखि, पथिन्, पुंस् आदि) की तालिकाएँ हाथ से जाँची गयी हैं। अर्थ — आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश; पर्याय — अमरकोश। धातुओं के रूप हेतु धातु-रूपावली, किसी श्लोक के विश्लेषण हेतु श्लोकार्थ-बोधिनी।