किसी भी संस्कृत शब्द के आठों विभक्तियों व तीनों वचनों के रूप — मूल शब्द या कोई भी रूप (जैसे रामेण, मत्याः, तस्य) लिखें
कृत्य, कार्य, कर्म
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | कर्म | कर्मणी | कर्माणि |
| द्वितीया | कर्म | कर्मणी | कर्माणि |
| तृतीया | कर्मणा | कर्मभ्याम् | कर्मभिः |
| चतुर्थी | कर्मणे | कर्मभ्याम् | कर्मभ्यः |
| पञ्चमी | कर्मणः | कर्मभ्याम् | कर्मभ्यः |
| षष्ठी | कर्मणः | कर्मणोः | कर्मणाम् |
| सप्तमी | कर्मणि | कर्मणोः | कर्मसु |
| सम्बोधन | हे कर्मन् / हे कर्म | हे कर्मणी | हे कर्माणि |
ⓘ नियमित शब्दों के रूप प्रतिमान से स्वतः बनते हैं (शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com); सर्वनाम, संख्या व अनियमित शब्दों (पति, सखि, पथिन्, पुंस् आदि) की तालिकाएँ हाथ से जाँची गयी हैं। अर्थ — आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश; पर्याय — अमरकोश। धातुओं के रूप हेतु धातु-रूपावली, किसी श्लोक के विश्लेषण हेतु श्लोकार्थ-बोधिनी।