🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 04:22:10 PM · CDSHARMA.IN

📗 शब्द-रूपावली

किसी भी संस्कृत शब्द के आठों विभक्तियों व तीनों वचनों के रूप — मूल शब्द या कोई भी रूप (जैसे रामेण, मत्याः, तस्य) लिखें

लिङ्ग:

ज्ञान (नपुंसकलिङ्ग)

जानना, समझना, परिचित होना, प्रवीणता

विभक्तिएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमाज्ञानम्ज्ञानेज्ञानानि
द्वितीयाज्ञानम्ज्ञानेज्ञानानि
तृतीयाज्ञानेनज्ञानाभ्याम्ज्ञानैः
चतुर्थीज्ञानायज्ञानाभ्याम्ज्ञानेभ्यः
पञ्चमीज्ञानात् / ज्ञानाद्ज्ञानाभ्याम्ज्ञानेभ्यः
षष्ठीज्ञानस्यज्ञानयोःज्ञानानाम्
सप्तमीज्ञानेज्ञानयोःज्ञानेषु
सम्बोधनहे ज्ञानहे ज्ञानेहे ज्ञानानि

अर्थ: जानना, समझना, परिचित होना, प्रवीणता

📚 अमरकोश में:
• दृष्टि (३.३.४५) — पर्याय: आँख, देखना
• संविद् (स्त्री॰) (३.३.१००) — पर्याय: वार्तालाप, प्रतिज्ञा, युद्ध

प्रतिमान-आधारित रूप शब्द के प्रतिमान (paradigm) से स्वतः बने हैं — दुर्लभ/अनियमित शब्दों में किसी व्याकरण-ग्रन्थ से मिलान कर लें।

अकारान्त पुंलिङ्ग

आकारान्त स्त्रीलिङ्ग

इकारान्त

ईकारान्त / ऊकारान्त

उकारान्त

ऋकारान्त / ओकारान्त

अकारान्त नपुंसकलिङ्ग

हलन्त (व्यञ्जनान्त)

सर्वनाम

संख्यावाचक

ⓘ नियमित शब्दों के रूप प्रतिमान से स्वतः बनते हैं (शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com); सर्वनाम, संख्या व अनियमित शब्दों (पति, सखि, पथिन्, पुंस् आदि) की तालिकाएँ हाथ से जाँची गयी हैं। अर्थ — आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश; पर्याय — अमरकोश। धातुओं के रूप हेतु धातु-रूपावली, किसी श्लोक के विश्लेषण हेतु श्लोकार्थ-बोधिनी।

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