किसी भी संस्कृत शब्द के आठों विभक्तियों व तीनों वचनों के रूप — मूल शब्द या कोई भी रूप (जैसे रामेण, मत्याः, तस्य) लिखें
कौन (पुंलिङ्ग)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | कः | कौ | के |
| द्वितीया | कम् | कौ | कान् |
| तृतीया | केन | काभ्याम् | कैः |
| चतुर्थी | कस्मै | काभ्याम् | केभ्यः |
| पञ्चमी | कस्मात् | काभ्याम् | केभ्यः |
| षष्ठी | कस्य | कयोः | केषाम् |
| सप्तमी | कस्मिन् | कयोः | केषु |
ⓘ नियमित शब्दों के रूप प्रतिमान से स्वतः बनते हैं (शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com); सर्वनाम, संख्या व अनियमित शब्दों (पति, सखि, पथिन्, पुंस् आदि) की तालिकाएँ हाथ से जाँची गयी हैं। अर्थ — आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश; पर्याय — अमरकोश। धातुओं के रूप हेतु धातु-रूपावली, किसी श्लोक के विश्लेषण हेतु श्लोकार्थ-बोधिनी।