किसी भी संस्कृत शब्द के आठों विभक्तियों व तीनों वचनों के रूप — मूल शब्द या कोई भी रूप (जैसे रामेण, मत्याः, तस्य) लिखें
दिव्य, स्वर्गीय
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | देवः | देवौ | देवाः |
| द्वितीया | देवम् | देवौ | देवान् |
| तृतीया | देवेन | देवाभ्याम् | देवैः |
| चतुर्थी | देवाय | देवाभ्याम् | देवेभ्यः |
| पञ्चमी | देवात् / देवाद् | देवाभ्याम् | देवेभ्यः |
| षष्ठी | देवस्य | देवयोः | देवानाम् |
| सप्तमी | देवे | देवयोः | देवेषु |
| सम्बोधन | हे देव | हे देवौ | हे देवाः |
ⓘ नियमित शब्दों के रूप प्रतिमान से स्वतः बनते हैं (शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com); सर्वनाम, संख्या व अनियमित शब्दों (पति, सखि, पथिन्, पुंस् आदि) की तालिकाएँ हाथ से जाँची गयी हैं। अर्थ — आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश; पर्याय — अमरकोश। धातुओं के रूप हेतु धातु-रूपावली, किसी श्लोक के विश्लेषण हेतु श्लोकार्थ-बोधिनी।