🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 04:22:52 PM · CDSHARMA.IN

📗 शब्द-रूपावली

किसी भी संस्कृत शब्द के आठों विभक्तियों व तीनों वचनों के रूप — मूल शब्द या कोई भी रूप (जैसे रामेण, मत्याः, तस्य) लिखें

लिङ्ग:

विद्वस् (पुंलिङ्ग)

विद्वान् (सकारान्त पुंलिङ्ग)

विभक्तिएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमाविद्वान्विद्वांसौविद्वांसः
द्वितीयाविद्वांसम्विद्वांसौविदुषः
तृतीयाविदुषाविद्वद्भ्याम्विद्वद्भिः
चतुर्थीविदुषेविद्वद्भ्याम्विद्वद्भ्यः
पञ्चमीविदुषःविद्वद्भ्याम्विद्वद्भ्यः
षष्ठीविदुषःविदुषोःविदुषाम्
सप्तमीविदुषिविदुषोःविद्वत्सु
सम्बोधनहे विद्वन्हे विद्वांसौहे विद्वांसः

📌 स्त्रीलिङ्ग "विदुषी" के रूप "नदी" के समान।

अर्थ: विद् (जानने वाला, जानकार) + वस् (आवासस्थान)
संस्कृत: पर्याय: भाव, विपश्चित्, दोषज्ञ, सत्, सुधी

जाँची तालिका यह तालिका हाथ से जाँची गयी है।

अकारान्त पुंलिङ्ग

आकारान्त स्त्रीलिङ्ग

इकारान्त

ईकारान्त / ऊकारान्त

उकारान्त

ऋकारान्त / ओकारान्त

अकारान्त नपुंसकलिङ्ग

हलन्त (व्यञ्जनान्त)

सर्वनाम

संख्यावाचक

ⓘ नियमित शब्दों के रूप प्रतिमान से स्वतः बनते हैं (शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com); सर्वनाम, संख्या व अनियमित शब्दों (पति, सखि, पथिन्, पुंस् आदि) की तालिकाएँ हाथ से जाँची गयी हैं। अर्थ — आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश; पर्याय — अमरकोश। धातुओं के रूप हेतु धातु-रूपावली, किसी श्लोक के विश्लेषण हेतु श्लोकार्थ-बोधिनी।

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