🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 05:28:11 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

विद्वान्

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

विद्वान्

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

विद्वान्

अर्थ: पण्डित, ज्ञानी

संस्कृत: पण्डितः, ज्ञानी, विद्वान्, विदत् · पर्याय: भाव, विपश्चित्, दोषज्ञ, सत्, सुधी

अंग्रेज़ी: Scholar

व्युत्पत्ति: विद् + क्वसु (कृदन्त)

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. विद्वस् (पुं.) — प्रथमा विभक्ति, एकवचन

📗 शब्द-रूपावली में पूरी तालिका

शब्दरूप — विद्वस् (पुंलिङ्ग)

विभक्तिएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमाविद्वत् / विद्वद्विद्वसौविद्वसः
द्वितीयाविद्वसम्विद्वसौविद्वसः
तृतीयाविद्वसाविद्वद्भ्याम्विद्वद्भिः
चतुर्थीविद्वसेविद्वद्भ्याम्विद्वद्भ्यः
पञ्चमीविद्वसःविद्वद्भ्याम्विद्वद्भ्यः
षष्ठीविद्वसःविद्वसोःविद्वसाम्
सप्तमीविद्वसिविद्वसोःविद्वत्सु
सम्बोधनहे विद्वत् / हे विद्वद्हे विद्वसौहे विद्वसः

रंगीन खाना = आपका लिखा रूप। रूप प्रतिमान (paradigm) से बने हैं; कुछ शब्दों के वैकल्पिक/आर्ष रूप भिन्न हो सकते हैं।

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
विद्वान्विद्वस् (पुं.) — प्रथमा विभक्ति, एकवचन

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

विद्वान् ➤ पण्डित, ज्ञानी
संस्कृत: पण्डितः, ज्ञानी, विद्वान्, विदत् · पर्याय: भाव, विपश्चित्, दोषज्ञ, सत्, सुधी

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

  • विद्वस् = विद् + वस् कर्मधारय (सम्भावित — पूर्वपद विशेषण)

ⓘ समास के खण्ड कोश से पहचाने गए हैं; विग्रह-वाक्य व समास-प्रकार (तत्पुरुष/बहुव्रीहि आदि) अर्थ पर निर्भर करता है।

❖ कृदन्तः

  • विद्वान्: विद् + क्वसु (कोश-व्युत्पत्ति)

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.३ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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