🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 06:37:57 PM · CDSHARMA.IN

📗 शब्द-रूपावली

किसी भी संस्कृत शब्द के आठों विभक्तियों व तीनों वचनों के रूप — मूल शब्द या कोई भी रूप (जैसे रामेण, मत्याः, तस्य) लिखें

लिङ्ग:

कर्मन् (नपुंसकलिङ्ग)

कृत्य, कार्य, कर्म

विभक्तिएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमाकर्मकर्मणीकर्माणि
द्वितीयाकर्मकर्मणीकर्माणि
तृतीयाकर्मणाकर्मभ्याम्कर्मभिः
चतुर्थीकर्मणेकर्मभ्याम्कर्मभ्यः
पञ्चमीकर्मणःकर्मभ्याम्कर्मभ्यः
षष्ठीकर्मणःकर्मणोःकर्मणाम्
सप्तमीकर्मणिकर्मणोःकर्मसु
सम्बोधनहे कर्मन् / हे कर्महे कर्मणीहे कर्माणि

अर्थ: कृत्य, कार्य, कर्म
संस्कृत: पर्याय: क्रिया, कृत्या, लीला

📚 अमरकोश में:
• क्रिया (३.२.१) — पर्याय: क्रिया
• क्रिया के नौ अर्थ (३.३.१६५) — पर्याय: आरम्भ, प्रायश्चित्त, शिक्षा, पूजा, विचार, उपाय, चेष्टा, चिकित्सा

प्रतिमान-आधारित रूप शब्द के प्रतिमान (paradigm) से स्वतः बने हैं — दुर्लभ/अनियमित शब्दों में किसी व्याकरण-ग्रन्थ से मिलान कर लें।

अकारान्त पुंलिङ्ग

आकारान्त स्त्रीलिङ्ग

इकारान्त

ईकारान्त / ऊकारान्त

उकारान्त

ऋकारान्त / ओकारान्त

अकारान्त नपुंसकलिङ्ग

हलन्त (व्यञ्जनान्त)

सर्वनाम

संख्यावाचक

ⓘ नियमित शब्दों के रूप प्रतिमान से स्वतः बनते हैं (शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com); सर्वनाम, संख्या व अनियमित शब्दों (पति, सखि, पथिन्, पुंस् आदि) की तालिकाएँ हाथ से जाँची गयी हैं। अर्थ — आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश; पर्याय — अमरकोश। धातुओं के रूप हेतु धातु-रूपावली, किसी श्लोक के विश्लेषण हेतु श्लोकार्थ-बोधिनी।

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