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📗 शब्द-रूपावली

किसी भी संस्कृत शब्द के आठों विभक्तियों व तीनों वचनों के रूप — मूल शब्द या कोई भी रूप (जैसे रामेण, मत्याः, तस्य) लिखें

लिङ्ग:

भानु (पुंलिङ्ग)

प्रकाश, कान्ति चमक

विभक्तिएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमाभानुःभानूभानवः
द्वितीयाभानुम्भानूभानून्
तृतीयाभानुनाभानुभ्याम्भानुभिः
चतुर्थीभानवेभानुभ्याम्भानुभ्यः
पञ्चमीभानोःभानुभ्याम्भानुभ्यः
षष्ठीभानोःभान्वोःभानूनाम्
सप्तमीभानौभान्वोःभानुषु
सम्बोधनहे भानोहे भानूहे भानवः

अर्थ: प्रकाश, कान्ति चमक
संस्कृत: पर्याय: सूर, सूर्य, अर्यमन्, आदित्य, द्वादशात्मन्

📚 अमरकोश में:
• सूर्य के और नाम (१.३.३३) — पर्याय: हंस, सहस्रांशु, तपन, सविता, रवि, पद्माक्ष, तेजसांराशि, छायानाथ, तमिस्रहा
• किरण के नाम (१.३.३७) — पर्याय: किरण, अस्र, मयूख, अंशु, गभस्ति, घृणि, रश्मि, कर, मरीचि, दीधिति

प्रतिमान-आधारित रूप शब्द के प्रतिमान (paradigm) से स्वतः बने हैं — दुर्लभ/अनियमित शब्दों में किसी व्याकरण-ग्रन्थ से मिलान कर लें।

भानु (स्त्रीलिङ्ग)

सुन्दर स्त्री

विभक्तिएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमाभानुःभानूभानवः
द्वितीयाभानुम्भानूभानूः
तृतीयाभान्वाभानुभ्याम्भानुभिः
चतुर्थीभानवे / भान्वैभानुभ्याम्भानुभ्यः
पञ्चमीभानोः / भान्वाःभानुभ्याम्भानुभ्यः
षष्ठीभानोः / भान्वाःभान्वोःभानूनाम्
सप्तमीभानौ / भान्वाम्भान्वोःभानुषु
सम्बोधनहे भानोहे भानूहे भानवः

अर्थ: सुन्दर स्त्री
संस्कृत: पर्याय: सूर, सूर्य, अर्यमन्, आदित्य, द्वादशात्मन्

📚 अमरकोश में:
• सूर्य के और नाम (१.३.३३) — पर्याय: हंस, सहस्रांशु, तपन, सविता, रवि, पद्माक्ष, तेजसांराशि, छायानाथ, तमिस्रहा
• किरण के नाम (१.३.३७) — पर्याय: किरण, अस्र, मयूख, अंशु, गभस्ति, घृणि, रश्मि, कर, मरीचि, दीधिति

प्रतिमान-आधारित रूप शब्द के प्रतिमान (paradigm) से स्वतः बने हैं — दुर्लभ/अनियमित शब्दों में किसी व्याकरण-ग्रन्थ से मिलान कर लें।

अकारान्त पुंलिङ्ग

आकारान्त स्त्रीलिङ्ग

इकारान्त

ईकारान्त / ऊकारान्त

उकारान्त

ऋकारान्त / ओकारान्त

अकारान्त नपुंसकलिङ्ग

हलन्त (व्यञ्जनान्त)

सर्वनाम

संख्यावाचक

ⓘ नियमित शब्दों के रूप प्रतिमान से स्वतः बनते हैं (शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com); सर्वनाम, संख्या व अनियमित शब्दों (पति, सखि, पथिन्, पुंस् आदि) की तालिकाएँ हाथ से जाँची गयी हैं। अर्थ — आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश; पर्याय — अमरकोश। धातुओं के रूप हेतु धातु-रूपावली, किसी श्लोक के विश्लेषण हेतु श्लोकार्थ-बोधिनी।

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