🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 06:37:51 PM · CDSHARMA.IN

📗 शब्द-रूपावली

किसी भी संस्कृत शब्द के आठों विभक्तियों व तीनों वचनों के रूप — मूल शब्द या कोई भी रूप (जैसे रामेण, मत्याः, तस्य) लिखें

लिङ्ग:

मुनि (पुंलिङ्ग)

ऋषि, महात्मा, सन्त, भक्त, संन्यासी

विभक्तिएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमामुनिःमुनीमुनयः
द्वितीयामुनिम्मुनीमुनीन्
तृतीयामुनिनामुनिभ्याम्मुनिभिः
चतुर्थीमुनयेमुनिभ्याम्मुनिभ्यः
पञ्चमीमुनेःमुनिभ्याम्मुनिभ्यः
षष्ठीमुनेःमुन्योःमुनीनाम्
सप्तमीमुनौमुन्योःमुनिषु
सम्बोधनहे मुनेहे मुनीहे मुनयः

अर्थ: ऋषि, महात्मा, सन्त, भक्त, संन्यासी
संस्कृत: पर्याय: सर्वज्ञ, सुगत, बुद्ध, धर्मराज, तथागत

📚 अमरकोश में:
• बुद्ध के और नाम (१.१.१४) — पर्याय: षडभिज्ञ, दशबल, अद्वयवादी, विनायक, मुनीन्द्र, श्रीघन, शास्ता
• मौनव्रती (२.७.४६) — पर्याय: वाचंयम

प्रतिमान-आधारित रूप शब्द के प्रतिमान (paradigm) से स्वतः बने हैं — दुर्लभ/अनियमित शब्दों में किसी व्याकरण-ग्रन्थ से मिलान कर लें।

अकारान्त पुंलिङ्ग

आकारान्त स्त्रीलिङ्ग

इकारान्त

ईकारान्त / ऊकारान्त

उकारान्त

ऋकारान्त / ओकारान्त

अकारान्त नपुंसकलिङ्ग

हलन्त (व्यञ्जनान्त)

सर्वनाम

संख्यावाचक

ⓘ नियमित शब्दों के रूप प्रतिमान से स्वतः बनते हैं (शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com); सर्वनाम, संख्या व अनियमित शब्दों (पति, सखि, पथिन्, पुंस् आदि) की तालिकाएँ हाथ से जाँची गयी हैं। अर्थ — आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश; पर्याय — अमरकोश। धातुओं के रूप हेतु धातु-रूपावली, किसी श्लोक के विश्लेषण हेतु श्लोकार्थ-बोधिनी।

💬 ज्योतिषीय प्रश्न पूछें