🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 06:37:39 PM · CDSHARMA.IN

📗 शब्द-रूपावली

किसी भी संस्कृत शब्द के आठों विभक्तियों व तीनों वचनों के रूप — मूल शब्द या कोई भी रूप (जैसे रामेण, मत्याः, तस्य) लिखें

लिङ्ग:

श्री (स्त्रीलिङ्ग)

धन, दौलत, प्राचुर्य, समृद्धि, पुष्कलता

विभक्तिएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमाश्रीःश्रियौश्रियः
द्वितीयाश्रियम्श्रियौश्रियः
तृतीयाश्रियाश्रीभ्याम्श्रीभिः
चतुर्थीश्रिये / श्रियैश्रीभ्याम्श्रीभ्यः
पञ्चमीश्रियः / श्रियाःश्रीभ्याम्श्रीभ्यः
षष्ठीश्रियः / श्रियाःश्रियोःश्रीणाम् / श्रियाम्
सप्तमीश्रियाम् / श्रियिश्रियोःश्रीषु
सम्बोधनहे श्रीःहे श्रियौहे श्रियः

अर्थ: धन, दौलत, प्राचुर्य, समृद्धि, पुष्कलता
संस्कृत: पर्याय: लक्ष्मी, पद्मालया, पद्मा, कमला, हरिप्रिया

📚 अमरकोश में:
• लक्ष्मी के नाम (१.१.३१) — पर्याय: लक्ष्मी, पद्मालया, पद्मा, कमला, हरिप्रिया
• सम्पत्ति (२.८.८२) — पर्याय: सम्पद्, सम्पत्ति, लक्ष्मी

प्रतिमान-आधारित रूप शब्द के प्रतिमान (paradigm) से स्वतः बने हैं — दुर्लभ/अनियमित शब्दों में किसी व्याकरण-ग्रन्थ से मिलान कर लें।

अकारान्त पुंलिङ्ग

आकारान्त स्त्रीलिङ्ग

इकारान्त

ईकारान्त / ऊकारान्त

उकारान्त

ऋकारान्त / ओकारान्त

अकारान्त नपुंसकलिङ्ग

हलन्त (व्यञ्जनान्त)

सर्वनाम

संख्यावाचक

ⓘ नियमित शब्दों के रूप प्रतिमान से स्वतः बनते हैं (शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com); सर्वनाम, संख्या व अनियमित शब्दों (पति, सखि, पथिन्, पुंस् आदि) की तालिकाएँ हाथ से जाँची गयी हैं। अर्थ — आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश; पर्याय — अमरकोश। धातुओं के रूप हेतु धातु-रूपावली, किसी श्लोक के विश्लेषण हेतु श्लोकार्थ-बोधिनी।

💬 ज्योतिषीय प्रश्न पूछें