॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: धन, दौलत, प्राचुर्य, समृद्धि, पुष्कलता
संस्कृत: लक्ष्मी, धनसमृद्धिः · पर्याय: लक्ष्मी, पद्मालया, पद्मा, कमला, हरिप्रिया
व्युत्पत्ति: श्रि + क्विप्, नि . (कृदन्त)
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
📗 शब्द-रूपावली में पूरी तालिका
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | श्रीः | श्रियौ | श्रियः |
| द्वितीया | श्रियम् | श्रियौ | श्रियः |
| तृतीया | श्रिया | श्रीभ्याम् | श्रीभिः |
| चतुर्थी | श्रिये / श्रियै | श्रीभ्याम् | श्रीभ्यः |
| पञ्चमी | श्रियः / श्रियाः | श्रीभ्याम् | श्रीभ्यः |
| षष्ठी | श्रियः / श्रियाः | श्रियोः | श्रीणाम् / श्रियाम् |
| सप्तमी | श्रियाम् / श्रियि | श्रियोः | श्रीषु |
| सम्बोधन | हे श्रीः | हे श्रियौ | हे श्रियः |
रंगीन खाना = आपका लिखा रूप। रूप प्रतिमान (paradigm) से बने हैं; कुछ शब्दों के वैकल्पिक/आर्ष रूप भिन्न हो सकते हैं।
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| श्रीः | श्री (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन अन्य सम्भावना: श्री (स्त्री.) — प्रथमा विभक्ति, एकवचन |
श्रीः ➤ धन, दौलत, प्राचुर्य, समृद्धि, पुष्कलता
संस्कृत: लक्ष्मी, धनसमृद्धिः · पर्याय: लक्ष्मी, पद्मालया, पद्मा, कमला, हरिप्रिया
| शब्द | अमरकोश — विषय, पर्याय |
|---|---|
| श्री |
लक्ष्मी के नाम (१.१.३१) — लक्ष्मी, पद्मालया, पद्मा, कमला, हरिप्रिया सम्पत्ति (२.८.८२) — सम्पद्, सम्पत्ति, लक्ष्मी |
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इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड