🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 11:22:05 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

अङ्घते

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

अङ्घते

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

अङ्घते

अर्थ: गति करना, आरम्भ करना, निन्दा करना

संस्कृत: गत्याक्षेपे

अंग्रेज़ी: to set out, to go, to commence, to blame

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. अङ्घ् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. अङ्घता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: अङ्घ् + घञ् · तद्धित: अङ्घ + तल् (भाववाचक)
  3. अङ्घता (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन · कृदन्त: अङ्घ् + घञ् · तद्धित: अङ्घ + तल् (भाववाचक)
  4. अङ्घता (स्त्री.) — प्रथमा विभक्ति, द्विवचन · कृदन्त: अङ्घ् + घञ् · तद्धित: अङ्घ + तल् (भाववाचक)
  5. अङ्घता (स्त्री.) — द्वितीया विभक्ति, द्विवचन · कृदन्त: अङ्घ् + घञ् · तद्धित: अङ्घ + तल् (भाववाचक)
  6. अङ्घता (स्त्री.) — सम्बोधन, द्विवचन · कृदन्त: अङ्घ् + घञ् · तद्धित: अङ्घ + तल् (भाववाचक)

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — अङ्घ् (भ्वादिगण) · अर्थ: गति करना, आरम्भ करना, निन्दा करना (गत्याक्षेपे)

लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमअङ्घतेअङ्घेतेअङ्घन्ते
मध्यमअङ्घसेअङ्घेथेअङ्घध्वे
उत्तमअङ्घेअङ्घावहेअङ्घामहे

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): अङ्घते · लिट् (आत्मने.): आनङ्घे · लुट् (आत्मने.): अङ्घिता · लृट् (आत्मने.): अङ्घिष्यते · लोट् (आत्मने.): अङ्घताम् · लङ् (आत्मने.): आङ्घत · विधिलिङ् (आत्मने.): अङ्घेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): अङ्घिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): आङ्घिष्ट · लृङ् (आत्मने.): आङ्घिष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: अङ्घन · ण्वुल्: अङ्घकः · तृच्: अङ्घिता · ण्यत्: अङ्घ्यः · तव्य: अङ्घितव्यः · अनीयर्: अङ्घनीयः · क्त: अङ्घितः · क्तवतु: अङ्घितवान् · शानच्: अङ्घमानः · क्त्वा: अङ्घित्वा · ल्यप्: प्राङ्घ्य · तुमुन्: अङ्घितुम् · णमुल्: अङ्घम् · घञ्: अङ्घः · क्तिन्: अङ्ग्धि · क्वसु: आनङ्घिवान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
अङ्घतेअङ्घ् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: अङ्घता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: अङ्घ् + घञ् · तद्धित: अङ्घ + तल् (भाववाचक) | अङ्घता (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन · कृदन्त: अङ्घ् + घञ् · तद्धित: अङ्घ + तल् (भाववाचक)

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

अङ्घते ➤ गति करना, आरम्भ करना, निन्दा करना
संस्कृत: गत्याक्षेपे

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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