॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: सब और से जोड़ना, अपराध लगाना, प्रार्थना करना
संस्कृत: अभियोगे
अंग्रेज़ी: to join from all sides, to pray, to do a crime
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | अड्डति | अड्डतः | अड्डन्ति |
| मध्यम | अड्डसि | अड्डथः | अड्डथ |
| उत्तम | अड्डामि | अड्डावः | अड्डामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: अड्डति · लिट्: आनड्ड · लुट्: अड्डिता · लृट्: अड्डिष्यति · लोट्: अड्डतात् · लङ्: आड्डत् · विधिलिङ्: अड्डेत् · आशीर्लिङ्: अड्ड्यात् · लुङ्: आड्डीत् · लृङ्: आड्डिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: अड्डन · ण्वुल्: अड्डकः · तृच्: अड्डिता · ण्यत्: अड्ड्यः · तव्य: अड्डितव्यः · अनीयर्: अड्डनीयः · क्त: अड्डितः · क्तवतु: अड्डितवान् · शतृ: अड्डन् · स्य-शतृ: अड्डिष्यन् · क्त्वा: अड्डित्वा · ल्यप्: प्राड्ड्य · तुमुन्: अड्डितुम् · णमुल्: अड्डम् · घञ्: अड्डः · क्तिन्: अट्टि · क्वसु: आनड्डिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| अड्डति | अड्ड् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: अड्डत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: अड्ड् + शतृ | अड्डत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: अड्ड् + शतृ |
अड्डति ➤ सब और से जोड़ना, अपराध लगाना, प्रार्थना करना
संस्कृत: अभियोगे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड