॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: जीना
संस्कृत: प्राणने
अंग्रेज़ी: to live, to breath
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | अण्यते | अण्येते | अण्यन्ते |
| मध्यम | अण्यसे | अण्येथे | अण्यध्वे |
| उत्तम | अण्ये | अण्यावहे | अण्यामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): अण्यते · लिट् (आत्मने.): आणे · लुट् (आत्मने.): अणिता · लृट् (आत्मने.): अणिष्यते · लोट् (आत्मने.): अण्यताम् · लङ् (आत्मने.): आण्यत · विधिलिङ् (आत्मने.): अण्येत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): अणिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): आणिष्ट · लृङ् (आत्मने.): आणिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: अणन · ण्वुल्: आणकः · तृच्: अणिता · ण्यत्: आण्यः · तव्य: अणितव्यः · अनीयर्: अणनीयः · क्त: अणितः · क्तवतु: अणितवान् · शानच्: अण्यमानः · क्त्वा: अणित्वा · ल्यप्: प्राण्य · तुमुन्: अणितुम् · णमुल्: आणम् · घञ्: आणः · क्तिन्: आण्टि · क्वसु: आणिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| अण्यते | अण् धातु (दिवादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: अण् धातु (दिवादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · कर्मणि/भावे | अण् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · कर्मणि/भावे |
अण्यते ➤ जीना
संस्कृत: प्राणने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड