॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: जाना, सदैव जाते रहना
संस्कृत: सातत्यगमने
अंग्रेज़ी: to run, to walk with speed, to move continuously
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | अतति | अततः | अतन्ति |
| मध्यम | अतसि | अतथः | अतथ |
| उत्तम | अतामि | अतावः | अतामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: अतति · लिट्: आत · लुट्: अतिता · लृट्: अतिष्यति · लोट्: अततात् · लङ्: आतत् · विधिलिङ्: अतेत् · आशीर्लिङ्: अत्यात् · लुङ्: आतीत् · लृङ्: आतिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: अतन · ण्वुल्: आतकः · तृच्: अतिता · ण्यत्: आत्यः · तव्य: अतितव्यः · अनीयर्: अतनीयः · क्त: अतितः · क्तवतु: अतितवान् · शतृ: अतन् · स्य-शतृ: अतिष्यन् · क्त्वा: अतित्वा · ल्यप्: प्रात्य · तुमुन्: अतितुम् · णमुल्: आतम् · घञ्: आतः · क्तिन्: अत्ति · क्वसु: आतिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| अतति | अत् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: अतत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: अत् + शतृ | अतत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: अत् + शतृ |
अतति ➤ जाना, सदैव जाते रहना
संस्कृत: सातत्यगमने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड