॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: अधीक्षण, देखभाल करना
संस्कृत: राज्ञां छत्रचामरादिव्यापारः · पर्याय: प्रक्रिया
व्युत्पत्ति: अधि+कृ+घञ् (कृदन्त)
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
📗 शब्द-रूपावली में पूरी तालिका
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | अधिकारः | अधिकारौ | अधिकाराः |
| द्वितीया | अधिकारम् | अधिकारौ | अधिकारान् |
| तृतीया | अधिकारेण | अधिकाराभ्याम् | अधिकारैः |
| चतुर्थी | अधिकाराय | अधिकाराभ्याम् | अधिकारेभ्यः |
| पञ्चमी | अधिकारात् / अधिकाराद् | अधिकाराभ्याम् | अधिकारेभ्यः |
| षष्ठी | अधिकारस्य | अधिकारयोः | अधिकाराणाम् |
| सप्तमी | अधिकारे | अधिकारयोः | अधिकारेषु |
| सम्बोधन | हे अधिकार | हे अधिकारौ | हे अधिकाराः |
रंगीन खाना = आपका लिखा रूप। रूप प्रतिमान (paradigm) से बने हैं; कुछ शब्दों के वैकल्पिक/आर्ष रूप भिन्न हो सकते हैं।
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| अधिकारः | अधिकार (पुं.) — प्रथमा विभक्ति, एकवचन |
अधिकारः ➤ अधीक्षण, देखभाल करना
संस्कृत: राज्ञां छत्रचामरादिव्यापारः · पर्याय: प्रक्रिया
| शब्द | अमरकोश — विषय, पर्याय |
|---|---|
| अधिकार |
(छत्र-चँवर आदि राजसी) अधिकार (२.८.३१) — प्रक्रिया |
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इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
ⓘ समास के खण्ड कोश से पहचाने गए हैं; विग्रह-वाक्य व समास-प्रकार (तत्पुरुष/बहुव्रीहि आदि) अर्थ पर निर्भर करता है।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.४ सेकण्ड