॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: हिन्दी अर्थ उपलब्ध नहीं
संस्कृत: शब्दे
अंग्रेज़ी: to sound
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | अम्भते | अम्भेते | अम्भन्ते |
| मध्यम | अम्भसे | अम्भेथे | अम्भध्वे |
| उत्तम | अम्भे | अम्भावहे | अम्भामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): अम्भते · लिट् (आत्मने.): आनम्भे · लुट् (आत्मने.): अम्भिता · लृट् (आत्मने.): अम्भिष्यते · लोट् (आत्मने.): अम्भताम् · लङ् (आत्मने.): आम्भत · विधिलिङ् (आत्मने.): अम्भेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): अम्भिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): आम्भिष्ट · लृङ् (आत्मने.): आम्भिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: अम्भन · ण्वुल्: अम्भकः · तृच्: अम्भिता · ण्यत्: अम्भ्यः · तव्य: अम्भितव्यः · अनीयर्: अम्भनीयः · क्त: अम्भितः · क्तवतु: अम्भितवान् · शानच्: अम्भमानः · क्त्वा: अम्भित्वा · ल्यप्: प्राम्भ्य · तुमुन्: अम्भितुम् · णमुल्: अम्भम् · घञ्: अम्भः · क्तिन्: अम्ब्धि · क्वसु: आनम्भिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| अम्भते | अम्भ् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: अम्भता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: अम्भ् + घञ् · तद्धित: अम्भ + तल् (भाववाचक) | अम्भता (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन · कृदन्त: अम्भ् + घञ् · तद्धित: अम्भ + तल् (भाववाचक) |
अम्भते ➤ to sound (अंग्रेज़ी कोश)
संस्कृत: शब्दे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.३ सेकण्ड