🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 06:38:16 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

अर्कयति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

अर्कयति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

अर्कयति

अर्थ: प्रशंसा करना, स्तुति करना, गरम करना

संस्कृत: स्तवने

अंग्रेज़ी: to praise,to heat

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. अर्क् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. अर्क् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक)
  3. अर्कयत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: अर्क् + शतृ
  4. अर्कयत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: अर्क् + शतृ

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — अर्क् (चुरादिगण) · अर्थ: प्रशंसा करना, स्तुति करना, गरम करना (स्तवने)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमअर्कयतिअर्कयतःअर्कयन्ति
मध्यमअर्कयसिअर्कयथःअर्कयथ
उत्तमअर्कयामिअर्कयावःअर्कयामः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: अर्कयति · लट् (आत्मने.): अर्कयते · लिट्: अर्कयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): अर्कयाञ्चक्रे · लुट्: अर्कयिता · लुट् (आत्मने.): अर्कयिता · लृट्: अर्कयिष्यति · लृट् (आत्मने.): अर्कयिष्यते · लोट्: अर्कयतात् · लोट् (आत्मने.): अर्कयताम् · लङ्: आर्कयत् · लङ् (आत्मने.): आर्कयत · विधिलिङ्: अर्कयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): अर्कयेत · आशीर्लिङ्: अर्क्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): अर्कयिषीष्ट · लुङ्: आर्चिकत् · लुङ् (आत्मने.): आर्चिकत · लृङ्: आर्कयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): आर्कयिष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: अर्कण · ण्वुल्: अर्ककः · तृच्: अर्कयिता · यत्: अर्क्यः · तव्य: अर्कयितव्यः · अनीयर्: अर्कणीयः · क्त: अर्कितः · क्तवतु: अर्कितवान् · शतृ: अर्कयन् · स्य-शतृ: अर्कयिष्यन् · शानच्: अर्कयमाणः · क्त्वा: अर्कयित्वा · ल्यप्: प्रार्क्य · तुमुन्: अर्कयितुम् · णमुल्: अर्कम् · क्तिन्: अर्क्ति · क्वसु: अर्कयाम्बभूवान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
अर्कयतिअर्क् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: अर्क् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) | अर्कयत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: अर्क् + शतृ

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

अर्कयति ➤ प्रशंसा करना, स्तुति करना, गरम करना
संस्कृत: स्तवने

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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