॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: पूजा करना, अर्चना करना
संस्कृत: पूजायाम्
अंग्रेज़ी: to be worthty, to be eligible, to have merit
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | अर्हति / अर्हयति | अर्हतः / अर्हयतः | अर्हन्ति / अर्हयन्ति |
| मध्यम | अर्हयसि / अर्हसि | अर्हथः / अर्हयथः | अर्हथ / अर्हयथ |
| उत्तम | अर्हयामि / अर्हामि | अर्हयावः / अर्हावः | अर्हयामः / अर्हामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: अर्हति · लट् (आत्मने.): अर्हयते · लिट्: अर्हयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): अर्हयाञ्चक्रे · लुट्: अर्हयिता · लुट् (आत्मने.): अर्हयिता · लृट्: अर्हयिष्यति · लृट् (आत्मने.): अर्हयिष्यते · लोट्: अर्हतात् · लोट् (आत्मने.): अर्हयताम् · लङ्: आर्हत् · लङ् (आत्मने.): आर्हयत · विधिलिङ्: अर्हयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): अर्हयेत · आशीर्लिङ्: अर्ह्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): अर्हयिषीष्ट · लुङ्: आर्जिहत् · लुङ् (आत्मने.): आर्जिहत · लृङ्: आर्हयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): आर्हयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: अर्हण · ण्वुल्: अर्हकः · तृच्: अर्हिता · यत्: अर्ह्यः · ण्यत्: अर्ह्यः · तव्य: अर्हितव्यः · अनीयर्: अर्हणीयः · क्त: अर्हितः · क्तवतु: अर्हितवान् · शतृ: अर्हन् · स्य-शतृ: अर्हिष्यन् · शानच्: अर्हयमाणः · क्त्वा: अर्हित्वा · ल्यप्: प्रार्ह्य · तुमुन्: अर्हितुम् · णमुल्: अर्हम् · घञ्: अर्हः · क्तिन्: अर्ढि · क्वसु: आनर्हिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| अर्हति | अर्ह् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: अर्ह् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन | अर्हत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: अर्ह् + शतृ |
अर्हति ➤ पूजा करना, अर्चना करना
संस्कृत: पूजायाम्
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड