🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 05:26:29 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

आत्मा

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

आत्मा

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

आत्मा

अर्थ: स्वयम्, आत्मा, ब्रह्मा, बुद्धि, स्वभाव, देह, धारणा / धैर्य, प्रयत्न

संस्कृत: स्वयम्, आत्मा, ब्रह्मा, बुद्धिः, स्वभावः, देहः, धृतिः, यत्नः · पर्याय: क्षेत्रज्ञ, पुरुष, भाव, स्व

अंग्रेज़ी: Self, soul, Lord Brahma, attitude, intellect, body, courage, effort

व्युत्पत्ति: अत्+मनिण्

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. आत्मन् (पुं.) — प्रथमा विभक्ति, एकवचन
  2. आत्मन् (स्त्री.) — प्रथमा विभक्ति, एकवचन

📗 शब्द-रूपावली में पूरी तालिका

शब्दरूप — आत्मन् (पुंलिङ्ग)

विभक्तिएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमाआत्माआत्मानौआत्मानः
द्वितीयाआत्मानम्आत्मानौआत्मनः
तृतीयाआत्मनाआत्मभ्याम्आत्मभिः
चतुर्थीआत्मनेआत्मभ्याम्आत्मभ्यः
पञ्चमीआत्मनःआत्मभ्याम्आत्मभ्यः
षष्ठीआत्मनःआत्मनोःआत्मनाम्
सप्तमीआत्मनिआत्मनोःआत्मसु
सम्बोधनहे आत्मन्हे आत्मानौहे आत्मानः

रंगीन खाना = आपका लिखा रूप। रूप प्रतिमान (paradigm) से बने हैं; कुछ शब्दों के वैकल्पिक/आर्ष रूप भिन्न हो सकते हैं।

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
आत्माआत्मन् (पुं.) — प्रथमा विभक्ति, एकवचन
अन्य सम्भावना: आत्मन् (स्त्री.) — प्रथमा विभक्ति, एकवचन

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

आत्मा ➤ स्वयम्, आत्मा, ब्रह्मा, बुद्धि, स्वभाव, देह, धारणा / धैर्य, प्रयत्न
संस्कृत: स्वयम्, आत्मा, ब्रह्मा, बुद्धिः, स्वभावः, देहः, धृतिः, यत्नः · पर्याय: क्षेत्रज्ञ, पुरुष, भाव, स्व

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
💬 ज्योतिषीय प्रश्न पूछें