॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: प्राप्त होना, पाना
संस्कृत: लम्भने
अंग्रेज़ी: to obtain, to get, to receive
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | आपति / आपयति | आपतः / आपयतः | आपन्ति / आपयन्ति |
| मध्यम | आपयसि / आपसि | आपथः / आपयथः | आपथ / आपयथ |
| उत्तम | आपयामि / आपामि | आपयावः / आपावः | आपयामः / आपामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: आपति · लट् (आत्मने.): आपयते · लिट्: आप · लिट् (आत्मने.): आपयाञ्चक्रे · लुट्: आपयिता · लुट् (आत्मने.): आपयिता · लृट्: आपयिष्यति · लृट् (आत्मने.): आपयिष्यते · लोट्: आपतात् · लोट् (आत्मने.): आपयताम् · लङ्: आपत् · लङ् (आत्मने.): आपयत · विधिलिङ्: आपयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): आपयेत · आशीर्लिङ्: आप्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): आपयिषीष्ट · लुङ्: आपत् · लुङ् (आत्मने.): आपिपत · लृङ्: आपयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): आपयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: आपन · ण्वुल्: आपकः · तृच्: आपिता · यत्: आप्यः · ण्यत्: आप्यः · तव्य: आपितव्यः · अनीयर्: आपनीयः · क्त: आपितः · क्तवतु: आपितवान् · शतृ: आपन् · स्य-शतृ: आपिष्यन् · शानच्: आपयमानः · क्त्वा: आपित्वा · ल्यप्: प्राप्य · तुमुन्: आपितुम् · णमुल्: आपम् · घञ्: आपः · क्तिन्: आप्ति · क्वसु: आपिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| आपति | आप् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: आपत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: आप् + शतृ | आपत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: आप् + शतृ |
आपति ➤ प्राप्त होना, पाना
संस्कृत: लम्भने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड