॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: बार बार करना
संस्कृत: आभीक्ष्ण्ये
अंग्रेज़ी: to repeat
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | इष्णाति | इष्णीतः | इष्णन्ति |
| मध्यम | इष्णासि | इष्णीथः | इष्णीथ |
| उत्तम | इष्णामि | इष्णीवः | इष्णीमः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: इष्णाति · लिट्: इयेष · लुट्: एषिता · लृट्: एषिष्यति · लोट्: इष्णातु · लङ्: ऐष्णात् · विधिलिङ्: इष्णीयात् · आशीर्लिङ्: इष्यात् · लुङ्: ऐषीत् · लृङ्: ऐषिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: एषण · ण्वुल्: एषकः · तृच्: एषिता · ण्यत्: एष्यः · तव्य: एषितव्यः · अनीयर्: एषणीयः · क्त: इषितः · क्तवतु: इषितवान् · शतृ: इष्णन् · स्य-शतृ: एषिष्यन् · क्त्वा: एषित्वा · ल्यप्: प्रेष्य · तुमुन्: एषितुम् · णमुल्: एषम् · घञ्: एषः · क्तिन्: इष्टि · क्वसु: ईषिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| इष्णाति | इष् धातु (क्र्यादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन |
इष्णाति ➤ बार बार करना
संस्कृत: आभीक्ष्ण्ये
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड