॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: छोडना, त्यागना
संस्कृत: उत्सर्गे
अंग्रेज़ी: to abandon,to leave
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | उज्झति | उज्झतः | उज्झन्ति |
| मध्यम | उज्झसि | उज्झथः | उज्झथ |
| उत्तम | उज्झामि | उज्झावः | उज्झामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: उज्झति · लिट्: उज्झाञ्चकार · लुट्: उज्झिता · लृट्: उज्झिष्यति · लोट्: उज्झतात् · लङ्: औज्झत् · विधिलिङ्: उज्झेत् · आशीर्लिङ्: उज्झ्यात् · लुङ्: औज्झीत् · लृङ्: औज्झिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: उज्झन · ण्वुल्: उज्झकः · तृच्: उज्झिता · ण्यत्: उज्झ्यः · तव्य: उज्झितव्यः · अनीयर्: उज्झनीयः · क्त: उज्झितः · क्तवतु: उज्झितवान् · शतृ: उज्झन् · स्य-शतृ: उज्झिष्यन् · क्त्वा: उज्झित्वा · ल्यप्: प्रोज्झ्य · तुमुन्: उज्झितुम् · णमुल्: उज्झम् · घञ्: उज्झः · क्तिन्: उज्ग्धि · क्वसु: उज्झाम्बभूवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| उज्झति | उज्झ् धातु (तुदादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: उज्झत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: उज्झ् + शतृ | उज्झत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: उज्झ् + शतृ |
उज्झति ➤ छोडना, त्यागना
संस्कृत: उत्सर्गे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड