॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: बढ़ना, वृद्धि होना
संस्कृत: वृद्धौ
अंग्रेज़ी: to increase,to prosper,to grow
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | ऋध्यति | ऋध्यतः | ऋध्यन्ति |
| मध्यम | ऋध्यसि | ऋध्यथः | ऋध्यथ |
| उत्तम | ऋध्यामि | ऋध्यावः | ऋध्यामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: ऋध्यति · लिट्: आनर्ध · लुट्: अर्धिता · लृट्: अर्धिष्यति · लोट्: ऋध्यतात् · लङ्: आर्ध्यत् · विधिलिङ्: ऋध्येत् · आशीर्लिङ्: ऋध्यात् · लुङ्: आर्धत् · लृङ्: आर्धिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: अर्धन · ण्वुल्: अर्धकः · तृच्: अर्धिता · तव्य: अर्धितव्यः · अनीयर्: अर्धनीयः · क्त: ऋद्धः · क्तवतु: ऋद्धवान् · शतृ: ऋध्यन् · स्य-शतृ: अर्धिष्यन् · क्त्वा: ऋद्ध्वा · ल्यप्: प्रार्ध्य · तुमुन्: अर्धितुम् · णमुल्: अर्धम् · घञ्: अर्धः · क्तिन्: ऋद्धि · क्वसु: आनृधिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| ऋध्यति | ऋध् धातु (दिवादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: ऋध्यत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: ऋध् + शतृ | ऋध्यता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: ऋध् + क्यप् · तद्धित: ऋध्य + तल् (भाववाचक) |
ऋध्यति ➤ बढ़ना, वृद्धि होना
संस्कृत: वृद्धौ
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड