॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: हिन्दी अर्थ उपलब्ध नहीं
संस्कृत: कत्थनयुद्धनिन्दाहिंसादानेषु
अंग्रेज़ी: to speak, to boast, to fight, to insult, to give
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | ऋहति | ऋहतः | ऋहन्ति |
| मध्यम | ऋहसि | ऋहथः | ऋहथ |
| उत्तम | ऋहामि | ऋहावः | ऋहामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: ऋहति · लिट्: आनर्ह · लुट्: अर्हिता · लृट्: अर्हिष्यति · लोट्: ऋहतात् · लङ्: आर्हत् · विधिलिङ्: ऋहेत् · आशीर्लिङ्: ऋह्यात् · लुङ्: आर्हीत् · लृङ्: आर्हिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: अर्हण · ण्वुल्: अर्हकः · तृच्: अर्हिता · तव्य: अर्हितव्यः · अनीयर्: अर्हणीयः · क्त: ऋहितः · क्तवतु: ऋहितवान् · शतृ: ऋहन् · स्य-शतृ: अर्हिष्यन् · क्त्वा: अर्हित्वा · ल्यप्: प्रार्ह्य · तुमुन्: अर्हितुम् · णमुल्: अर्हम् · घञ्: अर्हः · क्तिन्: ऋढि · क्वसु: आनृहिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| ऋहति | ऋह् धातु (तुदादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: ऋहत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: ऋह् + शतृ | ऋहत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: ऋह् + शतृ |
ऋहति ➤ to speak, to boast, to fight, to insult, to give (अंग्रेज़ी कोश)
संस्कृत: कत्थनयुद्धनिन्दाहिंसादानेषु
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड