॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: रोकना, निष्ठुर होना, क्रूर होना
संस्कृत: विबाधायाम्
अंग्रेज़ी: to hinder, to be wicked, to be cruel
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | एठते | एठेते | एठन्ते |
| मध्यम | एठसे | एठेथे | एठध्वे |
| उत्तम | एठे | एठावहे | एठामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): एठते · लिट् (आत्मने.): एठाञ्चक्रे · लुट् (आत्मने.): एठिता · लृट् (आत्मने.): एठिष्यते · लोट् (आत्मने.): एठताम् · लङ् (आत्मने.): ऐठत · विधिलिङ् (आत्मने.): एठेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): एठिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): ऐठिष्ट · लृङ् (आत्मने.): ऐठिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: एठन · ण्वुल्: एठकः · तृच्: एठिता · ण्यत्: एठ्यः · तव्य: एठितव्यः · अनीयर्: एठनीयः · क्त: एठितः · क्तवतु: एठितवान् · शानच्: एठमानः · क्त्वा: एठित्वा · ल्यप्: प्रेठ्य · तुमुन्: एठितुम् · णमुल्: एठम् · घञ्: एठः · क्तिन्: एट्टि · क्वसु: एठाम्बभूवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| एठते | एठ् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: एठता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: एठ् + घञ् · तद्धित: एठ + तल् (भाववाचक) | एठता (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन · कृदन्त: एठ् + घञ् · तद्धित: एठ + तल् (भाववाचक) |
एठते ➤ रोकना, निष्ठुर होना, क्रूर होना
संस्कृत: विबाधायाम्
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड