🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 07:23:39 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

कङ्कते

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

कङ्कते

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

कङ्कते

अर्थ: जाना

संस्कृत: गतौ

अंग्रेज़ी: to go

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. कङ्क् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. कङ्कत (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन
  3. कङ्कत (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन
  4. कङ्कता (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन
  5. कङ्कत (नपुं.) — प्रथमा विभक्ति, द्विवचन
  6. कङ्कत (नपुं.) — द्वितीया विभक्ति, द्विवचन
  7. कङ्कता (स्त्री.) — प्रथमा विभक्ति, द्विवचन
  8. कङ्कता (स्त्री.) — द्वितीया विभक्ति, द्विवचन

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — कङ्क् (भ्वादिगण) · अर्थ: जाना (गतौ)

लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमकङ्कतेकङ्केतेकङ्कन्ते
मध्यमकङ्कसेकङ्केथेकङ्कध्वे
उत्तमकङ्केकङ्कावहेकङ्कामहे

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): कङ्कते · लिट् (आत्मने.): चकङ्के · लुट् (आत्मने.): कङ्किता · लृट् (आत्मने.): कङ्किष्यते · लोट् (आत्मने.): कङ्कताम् · लङ् (आत्मने.): अकङ्कत · विधिलिङ् (आत्मने.): कङ्केत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): कङ्किषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अकङ्किष्ट · लृङ् (आत्मने.): अकङ्किष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: कङ्कन · ण्वुल्: कङ्ककः · तृच्: कङ्किता · ण्यत्: कङ्क्यः · तव्य: कङ्कितव्यः · अनीयर्: कङ्कनीयः · क्त: कङ्कितः · क्तवतु: कङ्कितवान् · शानच्: कङ्कमानः · क्त्वा: कङ्कित्वा · ल्यप्: प्रकङ्क्य · तुमुन्: कङ्कितुम् · णमुल्: कङ्कम् · घञ्: कङ्कः · क्तिन्: कङ्क्ति · क्वसु: चकङ्क्वान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
कङ्कतेकङ्क् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: कङ्कत (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

कङ्कते ➤ जाना
संस्कृत: गतौ

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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