॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: चमकना, प्रकाशित होना, समीप जाना, समीप आना
संस्कृत: दीप्तिकान्तिगतिषु
अंग्रेज़ी: to glow, to shine, to approach
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | कनति | कनतः | कनन्ति |
| मध्यम | कनसि | कनथः | कनथ |
| उत्तम | कनामि | कनावः | कनामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: कनति · लिट्: चकान · लुट्: कनिता · लृट्: कनिष्यति · लोट्: कनतात् · लङ्: अकनत् · विधिलिङ्: कनेत् · आशीर्लिङ्: कन्यात् · लुङ्: अकनीत् · लृङ्: अकनिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: कनन · ण्वुल्: कानकः · तृच्: कनिता · ण्यत्: कान्यः · तव्य: कनितव्यः · अनीयर्: कननीयः · क्त: कान्तः · क्तवतु: कान्तवान् · शतृ: कनन् · स्य-शतृ: कनिष्यन् · क्त्वा: कनित्वा · ल्यप्: प्रकन्य · तुमुन्: कनितुम् · णमुल्: कानम् · घञ्: कानः · क्तिन्: कान्ति · क्वसु: चकन्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| कनति | कन् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: कनता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: कन + तल् (भाववाचक) | कनत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: कन् + शतृ |
कनति ➤ चमकना, प्रकाशित होना, समीप जाना, समीप आना
संस्कृत: दीप्तिकान्तिगतिषु
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड