🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 11:22:06 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

कल्लते

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

कल्लते

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

कल्लते

अर्थ: अस्पष्ट बोलना, गूंगा होना, चुप होना

संस्कृत: अव्यक्ते शब्दे अशब्दे च

अंग्रेज़ी: to sound indistinctly, to be quiet

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. कल्ल् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. कल्लता (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन
  3. कल्लता (स्त्री.) — प्रथमा विभक्ति, द्विवचन
  4. कल्लता (स्त्री.) — द्वितीया विभक्ति, द्विवचन
  5. कल्लता (स्त्री.) — सम्बोधन, द्विवचन

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — कल्ल् (भ्वादिगण) · अर्थ: अस्पष्ट बोलना, गूंगा होना, चुप होना (अव्यक्ते शब्दे अशब्दे च)

लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमकल्लतेकल्लेतेकल्लन्ते
मध्यमकल्लसेकल्लेथेकल्लध्वे
उत्तमकल्लेकल्लावहेकल्लामहे

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): कल्लते · लिट् (आत्मने.): चकल्ले · लुट् (आत्मने.): कल्लिता · लृट् (आत्मने.): कल्लिष्यते · लोट् (आत्मने.): कल्लताम् · लङ् (आत्मने.): अकल्लत · विधिलिङ् (आत्मने.): कल्लेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): कल्लिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अकल्लिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अकल्लिष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: कल्लन · ण्वुल्: कल्लकः · तृच्: कल्लिता · ण्यत्: कल्ल्यः · तव्य: कल्लितव्यः · अनीयर्: कल्लनीयः · क्त: कल्लितः · क्तवतु: कल्लितवान् · शानच्: कल्लमानः · क्त्वा: कल्लित्वा · ल्यप्: प्रकल्ल्य · तुमुन्: कल्लितुम् · णमुल्: कल्लम् · घञ्: कल्लः · क्तिन्: कल्ल्ति · क्वसु: चकल्ल्वान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
कल्लतेकल्ल् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

कल्लते ➤ अस्पष्ट बोलना, गूंगा होना, चुप होना
संस्कृत: अव्यक्ते शब्दे अशब्दे च

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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