॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: अपमान करना
संस्कृत: अनादरे
अंग्रेज़ी: to disregard,to insult
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | काडते | काडेते | काडन्ते |
| मध्यम | काडसे | काडेथे | काडध्वे |
| उत्तम | काडे | काडावहे | काडामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): काडते · लिट् (आत्मने.): चकाडे · लुट् (आत्मने.): काडिता · लृट् (आत्मने.): काडिष्यते · लोट् (आत्मने.): काडताम् · लङ् (आत्मने.): अकाडत · विधिलिङ् (आत्मने.): काडेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): काडिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अकाडिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अकाडिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: काडन · ण्वुल्: काडकः · तृच्: काडिता · ण्यत्: काड्यः · तव्य: काडितव्यः · अनीयर्: काडनीयः · क्त: काडितः · क्तवतु: काडितवान् · शानच्: काडमानः · क्त्वा: काडित्वा · ल्यप्: प्रकाड्य · तुमुन्: काडितुम् · णमुल्: काडम् · घञ्: काडः · क्तिन्: काट्टि · क्वसु: चकाड्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| काडते | काड् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: काडता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: काड् + घञ् · तद्धित: काड + तल् (भाववाचक) | काडता (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन · कृदन्त: काड् + घञ् · तद्धित: काड + तल् (भाववाचक) |
काडते ➤ अपमान करना
संस्कृत: अनादरे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.४ सेकण्ड