॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: चाहना, इच्छा करना
संस्कृत: कान्तौ
अंग्रेज़ी: to love,to desire, to long for, to have intercourse with
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | कामयते | कामयेते | कामयन्ते |
| मध्यम | कामयसे | कामयेथे | कामयध्वे |
| उत्तम | कामये | कामयावहे | कामयामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): कामयते · लिट् (आत्मने.): कामयाञ्चक्रे · लुट् (आत्मने.): कमिता · लृट् (आत्मने.): कमिष्यते · लोट् (आत्मने.): कामयताम् · लङ् (आत्मने.): अकामयत · विधिलिङ् (आत्मने.): कामयेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): कमिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अचकमत · लृङ् (आत्मने.): अकमिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: कमन · ण्वुल्: कामकः · तृच्: कमिता · यत्: कम्यः · तव्य: कमितव्यः · अनीयर्: कमनीयः · क्त: कान्तः · क्तवतु: कान्तवान् · शानच्: कामयमानः · क्त्वा: कान्त्वा · ल्यप्: प्रकम्य · तुमुन्: कमितुम् · णमुल्: कामम् · घञ्: कामः · क्तिन्: कान्ति · क्वसु: चकन्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| कामयते | कम् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: कम् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) | कामयत् (नपुं.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: कम् + णिच्+शतृ |
कामयते ➤ चाहना, इच्छा करना
संस्कृत: कान्तौ
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.६ सेकण्ड