॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: प्रसिद्ध करना, कीर्तित होना
संस्कृत: संशब्दने
अंग्रेज़ी: to make famous, to be famous
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | कीर्तयति | कीर्तयतः | कीर्तयन्ति |
| मध्यम | कीर्तयसि | कीर्तयथः | कीर्तयथ |
| उत्तम | कीर्तयामि | कीर्तयावः | कीर्तयामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: कीर्तयति · लट् (आत्मने.): कीर्तयते · लिट्: कीर्तयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): कीर्तयाञ्चक्रे · लुट्: कीर्तयिता · लुट् (आत्मने.): कीर्तयिता · लृट्: कीर्तयिष्यति · लृट् (आत्मने.): कीर्तयिष्यते · लोट्: कीर्तयतात् · लोट् (आत्मने.): कीर्तयताम् · लङ्: अकीर्तयत् · लङ् (आत्मने.): अकीर्तयत · विधिलिङ्: कीर्तयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): कीर्तयेत · आशीर्लिङ्: कीर्त्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): कीर्तयिषीष्ट · लुङ्: अचिकीर्तत् · लुङ् (आत्मने.): अचिकीर्तत · लृङ्: अकीर्तयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अकीर्तयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: कीर्तन · ण्वुल्: कीर्तकः · तृच्: कीर्तयिता · यत्: कीर्त्यः · तव्य: कीर्तयितव्यः · अनीयर्: कीर्तनीयः · क्त: कीर्तितः · क्तवतु: कीर्तितवान् · शतृ: कीर्तयन् · स्य-शतृ: कीर्तयिष्यन् · शानच्: कीर्तयमानः · क्त्वा: कीर्तयित्वा · ल्यप्: प्रकीर्त्य · तुमुन्: कीर्तयितुम् · णमुल्: कीर्तम् · क्तिन्: कीर्ति · क्वसु: कीर्तयाम्बभूवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| कीर्तयति | कॄत् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: कॄत् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) | कीर्तयत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: कॄत् + शतृ |
कीर्तयति ➤ प्रसिद्ध करना, कीर्तित होना
संस्कृत: संशब्दने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.३ सेकण्ड