॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: झूठ बोलना
संस्कृत: अनृतभाषणे
अंग्रेज़ी: to tell a lie
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | कुन्द्रति / कुन्द्रयति | कुन्द्रतः / कुन्द्रयतः | कुन्द्रन्ति / कुन्द्रयन्ति |
| मध्यम | कुन्द्रयसि / कुन्द्रसि | कुन्द्रथः / कुन्द्रयथः | कुन्द्रथ / कुन्द्रयथ |
| उत्तम | कुन्द्रयामि / कुन्द्रामि | कुन्द्रयावः / कुन्द्रावः | कुन्द्रयामः / कुन्द्रामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: कुन्द्रति · लट् (आत्मने.): कुन्द्रयते · लिट्: कुन्द्रयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): कुन्द्रयाञ्चक्रे · लुट्: कुन्द्रयिता · लुट् (आत्मने.): कुन्द्रयिता · लृट्: कुन्द्रयिष्यति · लृट् (आत्मने.): कुन्द्रयिष्यते · लोट्: कुन्द्रतात् · लोट् (आत्मने.): कुन्द्रयताम् · लङ्: अकुन्द्रत् · लङ् (आत्मने.): अकुन्द्रयत · विधिलिङ्: कुन्द्रयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): कुन्द्रयेत · आशीर्लिङ्: कुन्द्र्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): कुन्द्रयिषीष्ट · लुङ्: अकुन्द्रीत् · लुङ् (आत्मने.): अचुकुन्द्रत · लृङ्: अकुन्द्रयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अकुन्द्रयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: कुन्द्रण · ण्वुल्: कुन्द्रकः · तृच्: कुन्द्रिता · यत्: कुन्द्र्यः · ण्यत्: कुन्द्र्यः · तव्य: कुन्द्रितव्यः · अनीयर्: कुन्द्रणीयः · क्त: कुन्द्रितः · क्तवतु: कुन्द्रितवान् · शतृ: कुन्द्रन् · स्य-शतृ: कुन्द्रिष्यन् · शानच्: कुन्द्रयमाणः · क्त्वा: कुन्द्रित्वा · ल्यप्: प्रकुन्द्र्य · तुमुन्: कुन्द्रितुम् · णमुल्: कुन्द्रम् · घञ्: कुन्द्रः · क्तिन्: कुन्द्र्ति · क्वसु: चुकुन्द्र्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| कुन्द्रति | कुन्द्र् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: कुन्द्रत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: कुन्द्र् + शतृ | कुन्द्रत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: कुन्द्र् + शतृ |
कुन्द्रति ➤ झूठ बोलना
संस्कृत: अनृतभाषणे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड