🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 06:22:47 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

कृणत्ति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

कृणत्ति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

कृणत्ति

अर्थ: घेर लेना, वेष्टति करना

संस्कृत: वेष्टने

अंग्रेज़ी: to surround, to cover

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. कृत् धातु (रुधादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. कृणत्ता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: कॄ + शतृ · तद्धित: कृणत् + तल् (भाववाचक)

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — कृत् (रुधादिगण) · अर्थ: घेर लेना, वेष्टति करना (वेष्टने)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमकृणत्तिकृन्तः / कृन्त्तःकृन्तन्ति
मध्यमकृणत्सिकृन्त्थः / कृन्थःकृन्त्थ / कृन्थ
उत्तमकृणत्मिकृन्त्वःकृन्त्मः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: कृणत्ति · लिट्: चकर्त · लुट्: कर्तिता · लृट्: कर्तिष्यति · लोट्: कृणत्तु · लङ्: अकृणत् · विधिलिङ्: कृन्त्यात् · आशीर्लिङ्: कृत्यात् · लुङ्: अकर्तीत् · लृङ्: अकर्तिष्यत्

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: कर्तन · ण्वुल्: कर्तकः · तृच्: कर्तिता · तव्य: कर्तितव्यः · अनीयर्: कर्तनीयः · क्त: कृत्तः · क्तवतु: कृत्तवान् · शतृ: कृन्तन् · स्य-शतृ: कर्त्स्यन् · क्त्वा: कर्तित्वा · ल्यप्: प्रकृत्य · तुमुन्: कर्तितुम् · णमुल्: कर्तम् · घञ्: कर्तः · क्तिन्: कृत्ति · क्वसु: चकृत्वान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
कृणत्तिकृत् धातु (रुधादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: कृणत्ता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: कॄ + शतृ · तद्धित: कृणत् + तल् (भाववाचक)

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

कृणत्ति ➤ घेर लेना, वेष्टति करना
संस्कृत: वेष्टने

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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